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मुंबई पर गहराया जल संकट (Img: Pinterest)
Mumbai: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर पानी का गंभीर संकट मंडराने लगा है। शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले सभी सात प्रमुख बांधों और झीलों का जलस्तर तेजी से गिरकर महज 7 प्रतिशत के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इन जलाशयों में कुल मिलाकर अब केवल 1,00,279 मिलियन लीटर पानी ही शेष रह गया है, जबकि इनकी कुल स्टोरेज क्षमता 14.47 मिलियन लीटर है। इस स्थिति ने बीएमसी प्रशासन और मुंबईवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
मुंबई में इस साल मानसून की एंट्री 23 जून को हुई थी। शुरुआती 48 घंटों में शहर में अच्छी बारिश दर्ज की गई, लेकिन उसके बाद बादलों ने कुछ समय के लिए ब्रेक ले लिया। जून के आखिरी दिनों में बारिश दोबारा शुरू तो हुई, लेकिन पूरे महीने में शहर को पर्याप्त पानी नहीं मिला। राष्ट्रीय स्तर पर इस साल का जून महीना पिछले 146 सालों में सबसे सूखा जून दर्ज किया गया है। यही मुख्य वजह है कि मानसून आने के बावजूद मुंबई के जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने के बजाय घटकर 7.08 प्रतिशत से 6.93 प्रतिशत तक आ गया है।
मुंबई को अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, भातसा, तानसा, मोदक सागर, तुलसी और विहार झीलों से पानी की सप्लाई होती है, जो पूरी तरह मानसून पर निर्भर हैं। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, अपर वैतरणा जलाशय में इस्तेमाल के लायक पानी की उपलब्धता अब शून्य प्रतिशत हो चुकी है। तानसा बांध भी लगभग पूरी तरह खाली हो चुका है। इसके अलावा, मिडिल वैतरणा में उसकी क्षमता का केवल 11.53%, मोदक सागर में 18.47% और सबसे बड़े बांधों में से एक 'भातसा' में पानी का स्टॉक 6 प्रतिशत से भी कम रह गया है।
राहत की बात सिर्फ इतनी है कि पिछले 24 घंटों में हुए स्थानीय जलभराव और बारिश के चलते मुंबई के भीतर स्थित दो छोटी झीलों विहार और तुलसी के जलस्तर में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विहार जलाशय का जलस्तर बढ़कर 45.13 प्रतिशत और तुलसी जलाशय का स्तर 24.26 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालांकि, ये दोनों झीलें मुंबई की विशाल आबादी की दैनिक जरूरत को पूरा करने के लिए काफी छोटी हैं।
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वर्तमान में पानी का स्टॉक साल 2024 (5.43%) के मुकाबले थोड़ा बेहतर जरूर है, लेकिन बीते वर्ष 2025 की तुलना में बेहद कम है। मुंबई की उम्मीदें अब पूरी तरह से जुलाई महीने की बारिश पर टिकी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों के लिए 2 जुलाई तक 'येलो अलर्ट' जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है, जिससे बांधों के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक बढ़ेगी और शहर को इस जल संकट से राहत मिल सकेगी।
Location : Mumbai
Published : 30 June 2026, 10:05 AM IST