हिंदी
बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी (Img- Pinterest)
Mumbai: लंदन में बैठे भगोड़े कारोबारी विजय माल्या और भारतीय बैंकों के बीच सालों से चली आ रही कानूनी जंग पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बेहद अहम रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह एक व्यावसायिक (कमर्शियल) विवाद है और अब इसे खत्म करने का वक्त आ गया है। जस्टिस मिलिंद जाधव की बेंच ने टिप्पणी की कि 10 साल से खींच रहे इस मामले का सीधा और बुरा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
पूरा मामला 2020 में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की स्पेशल कोर्ट द्वारा दिए गए उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें एसबीआई (SBI) की अगुवाई वाले बैंक समूह को माल्या की जब्त संपत्तियों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। माल्या ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया था कि उनकी संपत्तियां बैंकों को देना गलत फैसला था।
मामले की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे कमर्शियल झगड़ों का हल बातचीत और व्यावहारिक रास्ते से ही निकलता है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब सभी पक्ष सिर्फ लड़ते रहेंगे तो मामला कभी तार्किक नतीजे पर कैसे पहुंचेगा? हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को निर्देश दिया है कि वह अपनी जांच की मौजूदा स्थिति और माल्या की अब तक जब्त की गई संपत्तियों की विस्तृत जानकारी कोर्ट के सामने पेश करे।
आपको बता दें कि जनवरी 2019 में माल्या को 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' घोषित किया गया था, जिसके बाद उनकी हजारों करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गईं। इससे पहले हाईकोर्ट ने माल्या की याचिकाओं पर विचार करने से मना करते हुए पूछा था कि क्या उनका भारत लौटने का इरादा है? इस पर माल्या ने यूके (UK) की अदालतों की पाबंदियों का हवाला देते हुए भारत आने की कोई निश्चित तारीख बताने से साफ इनकार कर दिया था।
Location : Mumbai
Published : 13 August 2026, 3:45 PM IST