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प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
Mumbai: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA TET 2026) पेपर लीक मामले में भिवंडी पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, फर्जीवाड़े की ऐसी परतें खुल रही हैं जो हैरान करने वाली हैं। लाखों उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले शातिर अपराधियों ने किसी हाई-टेक हैकिंग का नहीं, बल्कि कचरे के डिब्बे और जूतों का इस्तेमाल करके इतना बड़ा षड्यंत्र रच डाला।
जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि प्रश्न-पत्रों की छपाई के दौरान जिन पन्नों पर हल्की स्याही फैल जाती थी या हल्की प्रिंटिंग त्रुटि होती थी, उन्हें प्रेस के डिस्पोजल बॉक्स (कचरे के डिब्बे) में फेंक दिया जाता था। इस कचरा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी का भारी अभाव था। इसी ढिलाई का फायदा प्रिंटिंग प्रेस में पिछले 20 सालों से काम कर रहे कर्मचारी बाबूलाल कुशवाहा ने उठाया। उसने नष्ट होने से पहले ही उन पन्नों को कचरे के डिब्बे से निकाल लिया।
ना हैकिंग, ना हाई-टेक गैजेट… जूतों में छिपाकर लीक हुआ Maharashtra TET का पूरा क्वेश्चन पेपर
प्रेस परिसर से प्रश्न-पत्रों को बाहर ले जाने के लिए आरोपियों ने फिल्मी तरीका अपनाया। बाबूलाल कुशवाहा ने एक अस्थायी कर्मचारी की मदद से उन रिजेक्टेड पन्नों को अपने जूतों के सोल के नीचे छिपाया और सुरक्षा जांच को चकमा देते हुए बाहर निकल गए। जूतों में छिपकर बाहर लाए गए इस लीक पेपर को बाद में इस रैकेट के मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता तक पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली का एक गिरोह इस चुराए गए पेपर को बाजार में 1.5 करोड़ रुपये में बेचने की फिराक में था। TET परीक्षा से ठीक एक दिन पहले 26 जून को भिवंडी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने भिवंडी थाने में एफआईआर दर्ज कर अब तक इस मामले में 15 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
Location : Mumbai
Published : 4 August 2026, 4:02 PM IST
Topics : crime news Maharashtra TET Mumbai News paper leak