Made-in-India का डंका: जापान में मारुति सुजुकी ने बेचीं 1 लाख से ज्यादा कारें, रचा नया इतिहास

मारुति सुजुकी ने भारत में बनी फ्रॉन्क्स, जिम्नी और ई-विटारा की 1 लाख से अधिक कारें जापान एक्सपोर्ट कर ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। कड़े जापानी मानकों पर खरी उतरी इन गाड़ियों के दम पर जापान कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा विदेशी बाजार बन गया है।

Updated : 19 September 2026, 12:07 PM IST
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New Delhi: भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने वैश्विक मंच पर एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। अपनी बेहतरीन टेक्नोलॉजी और सख्त गुणवत्ता मानकों के लिए पूरी दुनिया में पहचान रखने वाले जापान जैसे विकसित देश में अब भारतीय कारों का दबदबा देखने को मिल रहा है। देश की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने भारत में निर्मित कारों के निर्यात में एक लाख यूनिट का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि न सिर्फ कंपनी के लिए, बल्कि पूरे देश के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हुई है।

अगस्त 2024 से शुरू हुआ था ऐतिहासिक सफर

इस शानदार सफलता की कहानी साल 2024 में लिखी जानी शुरू हुई थी। मारुति सुजुकी ने सबसे पहले अगस्त 2024 में भारत में तैयार 'फ्रॉन्क्स' कार का निर्यात जापान के लिए शुरू किया था। इस शुरुआत को वहां के बाजार में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इसके बाद दिसंबर 2024 में कंपनी ने अपनी लोकप्रिय '5-डोर जिम्नी' को भी इस एक्सपोर्ट लिस्ट में जोड़ दिया।

कारवां यहीं नहीं रुका, बल्कि कंपनी ने भविष्य की ग्रीन मोबिलिटी और आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए सितंबर 2025 में अपनी पहली इलेक्ट्रिक/आधुनिक एसयूवी 'ई-विटारा' को भी जापान भेजना शुरू कर दिया। इन सभी गाड़ियों का निर्माण पूरी तरह से भारत में ही किया जा रहा है, जो यह साबित करता है कि जापान की पैरेंट कंपनी सुजुकी के लिए भारत अब एक प्रमुख ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बन चुका है।

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जापान बना मारुति का दूसरा सबसे बड़ा ग्लोबल मार्केट

भारतीय वाहनों की इस भारी मांग का सीधा असर एक्सपोर्ट के आंकड़ों पर साफ दिखाई दे रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 और मौजूदा वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों (अप्रैल से अगस्त) के दौरान जापान, मारुति सुजुकी के लिए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा विदेशी बाजार बनकर उभरा है।

भारतीय प्लांट्स में बनी इन कारों के शानदार प्रदर्शन के दम पर सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन वित्तीय वर्ष 2025-26 में जापान की सबसे बड़ी वाहन आयातक कंपनी बन गई। सबसे खास बात यह है कि जापान में आयात होने वाले सुजुकी के लगभग सभी वाहन मेड-इन-इंडिया ही हैं।

दुनियाभर के 120 देशों में फैला है नेटवर्क

मारुति सुजुकी का यह जलवा सिर्फ जापान तक सीमित नहीं है, बल्कि सुजुकी के मजबूत ग्लोबल नेटवर्क के जरिए आज भारतीय कारें दुनिया के करीब 120 देशों में दौड़ रही हैं। कंपनी वित्तीय वर्ष 2021-22 से लेकर वित्तीय वर्ष 2025-26 तक लगातार भारत की सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल निर्यातक कंपनी बनी हुई है।

मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती आंकड़ों (अप्रैल से अगस्त) पर नजर डालें, तो कंपनी ने इस अवधि में ही 1.8 लाख से अधिक गाड़ियां विदेशों में भेज दी हैं। आज स्थिति यह है कि भारत से बाहर निर्यात होने वाली कुल पैसेंजर कारों में से आधे से अधिक की अकेली हिस्सेदारी मारुति सुजुकी की है।

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भारत-जापान साझेदारी का नया और सुनहरा दौर

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सुजुकी इंडिया लिमिटेड के अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने अपनी गहरी खुशी व्यक्त की है। उनका मानना है कि यह मुकाम भारत और जापान के बीच गहरे होते आर्थिक और तकनीकी संबंधों का एक बेहतरीन प्रतीक है। दशकों पहले सुजुकी ने भारत में कार निर्माण को लेकर जो सपना देखा था, वह आज पूरी तरह सच साबित हो रहा है। आज भारत में बनी गाड़ियां न केवल देश की सड़कों की शान बढ़ा रही हैं, बल्कि जापानी नागरिकों के दिलों में भी अपनी एक खास और मजबूत जगह बना चुकी हैं।

Location :  New Delhi

Published :  19 September 2026, 12:07 PM IST

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