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बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती (सोर्स- एक्स)
Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पार्टी संस्थापक कांशीराम के आगामी 9 अक्टूबर को आने वाले परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर बसपा इस बार कोई बड़ा शक्ति प्रदर्शन नहीं करने जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि पिछले साल बड़े पैमाने पर भीड़ जुटाकर सियासी ताकत दिखाने वाली पार्टी इस बार इस कार्यक्रम को लेकर थोड़े अलग रुख में नजर आ रही है।
सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस बार कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर राजधानी लखनऊ में बसपा समर्थकों की भारी भीड़ तो उमड़ेगी, लेकिन पार्टी सुप्रीमो मायावती की ओर से कोई भाषण या बड़ा जनसंबोधन नहीं होगा। सूत्रों से मिली खबरों के अनुसार, मायावती इस बार दिल्ली स्थित 'प्रेरणा स्थल' पर जाकर बसपा संस्थापक कांशीराम को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। उनकी गैर-मौजूदगी में उत्तर प्रदेश के तमाम बड़े और प्रमुख प्रदेश पदाधिकारी राजधानी लखनऊ में आयोजित होने वाले इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम का नेतृत्व संभालेंगे।
यदि बीते वर्ष के राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर डालें, तो तस्वीर बिल्कुल जुदा थी। पिछले साल कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर बसपा सुप्रीमो ने पुरानी जेल रोड स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया था। उस कार्यक्रम में लाखों की संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ा था, जिसे पार्टी के राजनीतिक भविष्य के लिए एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना गया था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से करीब डेढ़ साल पहले हुए उस भव्य आयोजन से बसपा को अच्छा खासा जनसमर्थन हासिल हुआ था।
इस बार की तैयारियों को लेकर पार्टी की तरफ से कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में राजधानी लखनऊ पहुंचें। हालांकि, परंपरा के अनुसार यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम अमूमन लखनऊ और नोएडा दोनों जगहों पर आयोजित होता रहा है। पिछले कुछ समय से नोएडा के निर्धारित कार्यक्रम स्थल पर मरम्मत का कार्य चल रहा है, जिसकी वजह से पिछले दो बार से वहां होने वाले कार्यक्रम को टाला जा रहा है। यही वजह है कि इस बार सारा फोकस लखनऊ के आयोजनों पर है, जहां बसपा सुप्रीमो पहले भी कई बार 9 अक्टूबर को कांशीराम स्थल पर आयोजित कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रही हैं।
इस बार बिना भाषण और बिना किसी बड़े शक्ति प्रदर्शन के केवल श्रद्धांजलि तक सीमित रहने वाले इस कार्यक्रम को राजनीतिक गलियारों में मायावती की किसी नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
Location : Lucknow
Published : 19 September 2026, 12:11 PM IST