नेहा बोरा के बयान पर गरमाई सियासत, CM योगी पर टिप्पणी को लेकर कैंट थाने पहुंचा मामला

गोरखपुर में आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कथित टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर ने कैंट थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है। पुलिस तहरीर और उपलब्ध वीडियो/बयानों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 15 September 2026, 6:47 PM IST
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Gorakhpur: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले ने गोरखपुर की सियासत गरमा दी है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है। इसको लेकर ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर ने कैंट थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब तहरीर में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध वीडियो या अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

स्थानीय कार्यक्रम में टिप्पणी को लेकर विवाद

बताया जा रहा है कि सोमवार को गोरखपुर के एक स्थानीय होटल में आइसा की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।

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काली शंकर ने थाने में दी तहरीर

कथित टिप्पणी से नाराज ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर कैंट थाने पहुंचे और नेहा बोरा के खिलाफ तहरीर दी। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज करने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। काली शंकर का कहना है कि लोकतंत्र में राजनीतिक विचारों को लेकर मतभेद होना स्वाभाविक है।

'गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हमारे लिए अभिभावक समान'

मीडिया से बातचीत में काली शंकर ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा को लेकर लोग अलग-अलग पक्षों में हो सकते हैं, लेकिन गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर उनके लिए अभिभावक के समान हैं। उन्होंने कहा कि किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी किया जाना गोरखपुर के लोगों को स्वीकार नहीं होगा।

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वीडियो और बयानों की जांच करेगी पुलिस

तहरीर मिलने के बाद अब पुलिस के सामने आरोपों की जांच की प्रक्रिया है। पुलिस उपलब्ध वीडियो, कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान और तहरीर में लगाए गए आरोपों की जांच कर सकती है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  15 September 2026, 6:47 PM IST

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