अस्पताल है या जिल्लत का अखाड़ा! स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े दावों की उड़ रही धज्जियां, जानिये देवरिया अस्पताल में तड़पते मरीजों का सच

देवरिया मेडिकल कॉलेज में मरीजों की बढ़ती भीड़ और आयुष्मान कार्डधारकों की लंबी कतारों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उमस और गर्मी के बीच मरीज और तीमारदार घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 15 September 2026, 5:08 PM IST
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Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में इन दिनों मरीजों और तीमारदारों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। खासकर आयुष्मान कार्डधारकों को इलाज से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। उमस और गर्मी के बीच अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के साथ उनके तीमारदार भी परेशान नजर आ रहे हैं।

अस्पताल परिसर में भीड़

मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दावे किए जाते रहे हैं। वहीं, जिला स्तर पर भी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर दिशा-निर्देश और निगरानी की बात सामने आती है। इसके बावजूद अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ और लंबी कतारें जमीनी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रही हैं।

आयुष्मान कार्डधारकों को सबसे ज्यादा परेशानी

मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद इलाज के लिए उन्हें कई चरणों से गुजरना पड़ता है। अलग-अलग काउंटरों और प्रक्रियाओं के बीच उन्हें काफी समय इंतजार करना पड़ता है। आयुष्मान कार्डधारकों की भी लंबी कतारें लगी रहती हैं। गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के साथ आए तीमारदारों के लिए गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक इंतजार करना और मुश्किल हो जाता है।

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कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल

कुछ मरीजों और तीमारदारों ने डॉक्टरों और कर्मचारियों के व्यवहार तथा कार्यप्रणाली को लेकर भी शिकायतें की हैं। उनका आरोप है कि कई बार जरूरी जानकारी समय पर नहीं मिलती और प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण उन्हें अलग-अलग काउंटरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। हालांकि, इन आरोपों पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।

गरीब मरीजों के सामने बढ़ रही मुश्किल

मेडिकल कॉलेज में बड़ी संख्या में गरीब और आयुष्मान कार्डधारक इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ऐसे मरीजों को यदि पंजीकरण, सत्यापन या अन्य प्रक्रियाओं के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़े, तो यह व्यवस्था की कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। मरीजों का कहना है कि उन्हें इलाज के साथ-साथ प्रक्रिया पूरी कराने में भी काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

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निरीक्षण के बाद भी जमीनी बदलाव का इंतजार

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अधिकारियों की ओर से लगातार निगरानी और निर्देशों के बावजूद मरीजों को कतार, काउंटर और इलाज की प्रक्रिया में राहत क्यों नहीं मिल पा रही है। अस्पताल में दिखाई दे रही भीड़ और मरीजों की शिकायतें व्यवस्था की जमीनी हकीकत को लेकर सवाल खड़े कर रही हैं।

डाइनामाइट न्यूज की ग्राउंड रिपोर्ट का सवाल

मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के दावों के बीच अब जरूरत इस बात की है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। क्या जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ निरीक्षण और निर्देश तक सीमित रहेंगे, या डॉक्टरों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी? सबसे अहम सवाल यही है कि मरीजों और तीमारदारों को लंबी कतारों और अव्यवस्थित प्रक्रियाओं से कब राहत मिलेगी?

Location :  Deoria

Published :  15 September 2026, 5:08 PM IST

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