खतरे के बादल छंटे या फिर बढ़ा जोखिम? सुरक्षाबलों के पहरे में फिर दौड़ी केदारनाथ यात्रा! जानिये धाम के रास्तों का पूरा हाल

केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है। चीरबासा के पास क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग से मलबा हटाकर आवाजाही शुरू करा दी गई है, जबकि हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू हो गई है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 15 September 2026, 5:51 PM IST
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Rudraprayag: केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा को लेकर राहत की खबर है। गौरीकुंड से करीब 2.5 किलोमीटर दूर चीरबासा के पास पिछले दो-तीन दिनों से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग को साफ कर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू करा दी गई है। कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों के साथ पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मलबा हटाने और रास्ता साफ करने का काम किया।

लौट रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया

मार्ग की सफाई के दौरान केदारनाथ से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षा बलों की निगरानी में क्षतिग्रस्त हिस्से से पार कराया गया और उन्हें गौरीकुंड की ओर भेजा गया। रास्ता पैदल आवागमन के लिए संचालित होने के बाद सोनप्रयाग में रुके यात्रियों को भी केदारनाथ धाम की ओर रवाना किया गया।

सुरक्षा बलों की निगरानी में जारी है यात्रा

प्रशासन और सुरक्षा बल मौके पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं को मार्ग की स्थिति के अनुसार नियंत्रित तरीके से आगे भेजा जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी जोखिम वाले स्थान पर सावधानी बरतें और यात्रा के दौरान जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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केदारनाथ के लिए हेली सेवा भी शुरू

पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के समीप पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने के बाद यात्रा को सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए आंशिक रूप से रोका गया था। इसी बीच केदारनाथ के लिए दूसरे चरण की हेली सेवाएं भी मंगलवार से विधिवत शुरू हो गई हैं। मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए मलबा हटाने का काम तेजी से जारी रहा।

दोपहर तक पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद

प्रशासन के अनुसार पैदल मार्ग से मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उम्मीद है कि मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित कर दोपहर तक यात्रा व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी। फिलहाल यात्रियों की आवाजाही सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई जा रही है।

जखोली में सबसे ज्यादा बारिश

मंगलवार सुबह जिले में धूप के साथ हल्के बादल छाए रहे। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार पिछले 24 घंटे में जखोली तहसील में 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि ऊखीमठ में 10 मिलीमीटर बारिश हुई। रुद्रप्रयाग तहसील में इस दौरान बारिश दर्ज नहीं की गई। सुबह जिले का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर

प्रशासन नदियों के जलस्तर की भी लगातार निगरानी कर रहा है। सुबह आठ बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 624.18 मीटर दर्ज हुआ, जबकि इसका चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का निशान 627 मीटर है। मंदाकिनी नदी 623.72 मीटर पर रही, जो चेतावनी स्तर 625 मीटर और खतरे के निशान 626 मीटर से नीचे है। गंगानगर में नदी का जलस्तर 800.08 मीटर और गौरीकुंड में 1973.70 मीटर दर्ज किया गया।

एनएच और एसएच मार्ग खुले

जिले में फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग पर यातायात संचालित है। हालांकि पीडब्ल्यूडी के तीन, पीएमजीएसवाई के पांच और एनपीसीसी का एक मार्ग प्रभावित बताया गया है। प्रशासन ने संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को पूरी तैयारी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील

केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से प्रशासन ने मौसम और मार्ग की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। सुरक्षा बलों की निगरानी में यात्रा को आगे बढ़ाया जा रहा है और किसी भी संवेदनशील स्थान पर यात्रियों की आवाजाही को स्थिति के अनुसार नियंत्रित किया जा सकता है।

Location :  Rudraprayag

Published :  15 September 2026, 5:44 PM IST

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