Badrinath: राम मंदिर विवाद के बाद केदारनाथ-बदरीनाथ में भी चोरी, चढ़ावे पर सख्त हुई मंदिर समिति?

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के बाद, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अपने सभी मंदिरों में दान और चढ़ावे की निगरानी कड़ी कर दी है। समिति ने पारदर्शिता, सही हिसाब-किताब और सतर्कता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। वित्तीय अनियमितताओं की जांच भी चल रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 4 July 2026, 12:10 PM IST
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Badrinath: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के बाद, उत्तराखंड की बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) हाई अलर्ट पर है। समिति ने केदारनाथ, बद्रीनाथ और अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अन्य मंदिरों में दान और चढ़ावे के प्रबंधन की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं। मंदिर समिति ने कहा है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

CEO ने जारी किए कड़े निर्देश

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रंगड़ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दान, चढ़ावा, नकदी की गिनती, लेखा विभाग, खजाना, पूजा काउंटर और गेस्ट हाउस से जुड़े सभी काम पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि चढ़ावे के प्रबंधन के किसी भी चरण में लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वित्तीय अनियमितता के आरोपों से चिंता बढ़ी

इस बीच, बद्रीनाथ धाम में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने भी मामले को गरमा दिया है। 'भैरव सेना' संगठन ने मंदिर समिति के CEO को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें संबंधित कर्मचारी को निलंबित करने, FIR दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मंदिरों के लिए वित्तीय पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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स्थानीय लोगों ने उच्च-स्तरीय जांच की मांग की

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले की उच्च-स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका तर्क है कि यदि कोई वित्तीय गड़बड़ी हुई है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, अगर आरोप बेबुनियाद साबित होते हैं, तो किसी भी तरह के भ्रम को दूर करने के लिए जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।

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श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखना: सबसे बड़ी चुनौती

फिलहाल, मंदिर समिति ने अपनी निगरानी प्रणालियों और लेखा प्रणालियों को और मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। अधिकारियों का मानना ​​है कि एक पारदर्शी व्यवस्था श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखेगी और भविष्य में किसी भी अनियमितता की संभावना को रोकेगी। अब सबकी निगाहें जांच के नतीजों और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Location :  Badrinath

Published :  4 July 2026, 12:10 PM IST

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