हिंदी
फर्जी पुलिस बन कर रहे थे करोड़ों की फंडिंग का फ्रॉड (Img- AI Generated)
Mumbai: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के खार इलाके में एक कारोबारी से लूटपाट के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अमूमन वारदात को अंजाम देकर अपराधी रफूचक्कर हो जाते हैं, लेकिन इस मामले में लुटेरों ने न सिर्फ पुलिसिया रौब झाड़ने की कोशिश की, बल्कि भीड़ से बचने के लिए महाराष्ट्र पुलिस का फर्जी पहचान पत्र (ID Card) तक लहरा दिया।
हालांकि, मुंबई के कुख्यात ट्रैफिक जाम के आगे शातिरों की एक न चली और वे रंगे हाथों दबोच लिए गए। पुलिस के अनुसार, कांदिवली निवासी होटल मटिरियल सप्लायर शुंभकर सालीन (42) की मुलाकात कुछ दिन पहले लोकल ट्रेन में जिग्नेश नामक एक व्यक्ति से हुई थी। जिग्नेश ने खुद को फाइनैंसर बताते हुए 10 लाख रुपये की बिजनेस फंडिंग दिलाने का भरोसा दिया था और अडवांस के तौर पर सालीन से रकम मांगी थी।
जब शुंभकर और उनके साझेदार कासिम शेख एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपये लेकर खार पश्चिम स्थित वृंदावन होटल के पास पहुंचे, तो वहां पहले से जाल बिछाए बैठे बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग छीन लिया। आगे खड़ी एक कार में बैठकर आरोपी भागने लगे। जब पीड़ितों ने शोर मचाया और स्थानीय लोगों ने सेक्रेड हर्ट स्कूल के पास लगे ट्रैफिक जाम में आरोपियों की कार को घेर लिया, तो आरोपियों ने बचने के लिए एक नया और खतरनाक पैंतरा आजमाया।
खुद को घिरता देख कार में सवार एक आरोपी ने महाराष्ट्र पुलिस का फर्जी पहचान पत्र (ID Card) निकालकर भीड़ को डराने की कोशिश की, जबकि उसके अन्य साथियों ने पुलिस जैसी लाठियां निकालकर लोगों पर रौब झाड़ना शुरू कर दिया ताकि लोग उन्हें असली पुलिस समझकर रास्ता दे दें।
बदमाशों ने शुरुआत में पीड़ितों को चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी थी। लेकिन जब स्थानीय जनता को उनकी हरकतों पर शक हुआ, तो आक्रोशित भीड़ के सामने नकली पुलिस का यह पूरा ड्रामा फेल हो गया। लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए कार को चारों तरफ से ब्लॉक कर दिया और भागने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों, संजय म्हात्रे (50) और शक्ति सिंह (43) को मौके पर ही दबोच लिया। हालांकि, इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर गिरोह के तीन अन्य सदस्य कैश लेकर रफूचक्कर होने में कामयाब रहे।
पकड़े गए आरोपियों से जब खार पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो इस पूरे रैकेट के पीछे की गहरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। आरोपियों ने कुबूल किया कि इस पूरी ठगी और लूटकांड का मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) इमरान शेख नामक व्यक्ति है, जिसने पूरी प्लानिंग तैयार की थी। वहीं, वारदात के वक्त मौजूद गिरोह के दो अन्य शातिर बदमाश, जोएब शब्बीर सैयद और राजन मुथ्थूस्वामी, पीड़ितों से 50 हजार रुपये का कैश लेकर मौके से भागने में सफल रहे।
मुंबई में हाहाकार: BEST की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, जानें किन 6 बड़ी मांगों पर अड़े हैं कर्मचारी
पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर खार पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आरोपियों के पास महाराष्ट्र पुलिस का फर्जी आईकार्ड और पुलिसिया लाठियां कहां से आईं और क्या इस गैंग ने पहले भी इस तरह फर्जी पुलिस बनकर अन्य कारोबारियों को अपना शिकार बनाया है। फिलहाल, फरार मुख्य आरोपी इमरान शेख और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
Location : Mumbai
Published : 23 June 2026, 10:48 AM IST