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होली पर देवघर में जुटेगा आस्था का सैलाब
Deoghar: देश में धार्मिक नगरी के रूप में विख्यात देवघर इन दिनों एक बार फिर आस्था के उफान में डूबा है। बिहार, झारखंड, बंगाल और उड़ीसा से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बाबा नगरी पहुंच रहे हैं। खासकर होली के अवसर पर हरिहर मिलन की पौराणिक परंपरा को निभाने के लिए सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जैसे जिलों से श्रद्धालुओं का रेला लगातार उमड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार श्रद्धालु एक-दो दिन यहां ठहरते हैं। कोई होटल में तो कोई निजी मकानों में रुकता है। इसके कारण शहर की आबादी में रोजाना लगभग पंद्रह से बीस हजार लोगों की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो रही है। आस्था का यह प्रवाह जहां धार्मिक उल्लास को बढ़ा रहा है, वहीं शहर की सफाई व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती भी बनता जा रहा है।
पंडितों के मुताबिक आज ही के दिन भगवान श्री हरि द्वारा बाबा बैद्यनाथ यानी हर की देवघर में स्थापना की गई थी। तब से बाबाधाम मंदिर में हरि से हर के मिलन की परंपरा चली आ रही है।
मंदिर क्षेत्र के आसपास गंदगी की शिकायतें सामने आ रही हैं। बाहर से आने वाले कई श्रद्धालु यह कहते नजर आते हैं कि मंदिर परिसर के आस-पास कूड़े का अंबार दिखाई देता है। उनका मानना है कि प्रतिदिन इतनी बड़ी संख्या में आने वाले लोगों के कारण कचरे का निस्तारण समय पर नहीं हो पाता।
स्थानीय निवासी बम बम सिंह बताते हैं कि हाल ही में शिवरात्रि का पर्व समाप्त हुआ है और उसके तुरंत बाद हरिहर मिलन की परंपरा शुरू हो जाती है। पिछले एक महीने से लगातार दस से बीस हजार अतिरिक्त लोग शहर में रह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्वाभाविक है कि जब भीड़ बढ़ेगी तो दबाव भी बढ़ेगा, और सफाई व्यवस्था पर असर दिखेगा।
मंदिर मार्ग में लगा कूड़े का अंबार
वहीं दीपक ठाकुर का कहना है कि भीड़ के साथ गंदगी भी बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि नगर निगम अपने सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाए। खासकर होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे के नियमित निस्तारण की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि शहर की छवि प्रभावित न हो।
इन शिकायतों पर जब नगर आयुक्त रोहित सिन्हा से बातचीत की गई तो उन्होंने आश्वस्त किया कि होली को ध्यान में रखते हुए पूरे शहर में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। मंदिर क्षेत्र में जहां भी कूड़ा जमा है, उसके त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
मंदिर मार्ग पर लगा कूड़े का ढेर
उन्होंने बताया कि होली के दौरान क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है, ताकि स्थानीय लोग तुरंत संपर्क कर सकें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो। इसके अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी के टैंकर भी लगाए गए हैं, जिससे रंगों के त्योहार में पानी की किल्लत न हो।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और निगम की यह तैयारी होली के दौरान कितनी कारगर साबित होती है। क्या स्थानीय लोगों और बाहर से आए श्रद्धालुओं को राहत मिल पाएगी, या फिर आस्था के इस सैलाब के बीच सफाई व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में रहेगी—यह देखने वाली बात होगी।
Location : Jharkhand
Published : 1 March 2026, 9:11 PM IST
Topics : Deoghar devotees Holi Jharkhand religious city