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विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को विक्रम के. दुरईस्वामी को चीन में नई जिम्मेदारी दी है। वे वर्तमान में यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त हैं। दुरईस्वामी पहले भी कई महत्वपूर्ण राजनयिक पदों पर रह चुके हैं और विदेश सेवा में एक अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं।
विक्रम के. दुरईस्वामी को चीन में मिली जिम्मेदारी (Img: Internet)
New Delhi: वरिष्ठ राजनयिक विक्रम के. दुरईस्वामी को चीन में नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें चीन में भारत के अगले राजदूत के तौर पर नियुक्त किया गया है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस आशय की घोषणा की है। वह दुरईस्वामी प्रदीप कुमार रावत का स्थान लेंगे।
जानकारी के अनुसार विक्रम के. दुरईस्वामी वर्तमान में यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त हैं। वह 1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, उनके जल्दी ही कार्यभार संभालने की उम्मीद है।
पूर्वी लद्दाख में चार साल से अधिक समय तक चले सीमा विवाद के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे, लेकिन अब उन्हें फिर से मजबूत करने के प्रयासों के बीच भारत ने इस वरिष्ठ राजनयिक को बीजिंग भेजने का निर्णय लिया है। वह प्रदीप कुमार रावत का स्थान लेंगे।
दुरईस्वामी बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त थे। वर्षों से उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री के निजी सचिव के रूप में भी कार्य किया है और विदेश मंत्रालय में कई वरिष्ठ पदों पर रहे हैं, जिनमें सार्क और हिंद-प्रशांत जैसे विभागों का नेतृत्व करना शामिल है।
उन्होंने उज्बेकिस्तान और दक्षिण कोरिया में राजदूत के रूप में कार्य किया है और 2012 में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समन्वय में भी शामिल थे। 2019 में, उन्हें अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और शिखर सम्मेलनों के लिए अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया था।
दुरईस्वामी पहले भी कई महत्वपूर्ण राजनयिक पदों पर रह चुके हैं और विदेश सेवा में एक अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं।
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