चेतावनी अनसुनी करने पर US ने ईरानी जहाज रोका, खाड़ी में तनाव चरम पर

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना ने ईरानी जहाज ‘तौस्का’ को कब्जे में लिया, जिसके बाद ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है। इस घटना से खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और संभावित शांति वार्ताओं पर भी संकट मंडराने लगा है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 20 April 2026, 9:59 AM IST
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Tehran: खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना ने एक ईरानी मालवाहक जहाज ‘तौस्का’ को रोककर अपने कब्जे में ले लिया है। इस कार्रवाई के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “सशस्त्र डकैती” करार दिया है और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

चेतावनी के बाद की गई सैन्य कार्रवाई

अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस स्प्रुआंस ने जहाज को रुकने की स्पष्ट चेतावनी दी थी। लेकिन ईरानी क्रू ने इसे नजरअंदाज करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने सख्त कदम उठाते हुए जहाज के इंजन रूम को नुकसान पहुंचाया, जिससे वह रुकने पर मजबूर हो गया।

‘तौस्का’ जहाज पर अमेरिकी कब्जा

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ‘तौस्का’ लगभग 900 फीट लंबा विशाल जहाज है, जिसका आकार किसी विमान वाहक पोत के बराबर बताया जा रहा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सत्य सामाजिक पर लिखा कि यह जहाज पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में था और अब पूरी तरह अमेरिकी मरीन के नियंत्रण में है। फिलहाल इसकी जांच की जा रही है कि इसमें क्या सामान लदा हुआ है।

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ईरान की तीखी प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद ईरान के तेवर बेहद कड़े हो गए हैं। ईरानी सैन्य कमांड सेंटर खतम अल-अनबिया के प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस “सशस्त्र डकैती” का जवाब जल्द दिया जाएगा और अमेरिकी सेना को इसके परिणाम भुगतने होंगे।

शांति वार्ता पर संकट के बादल

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम समाप्त होने में कुछ ही दिन शेष हैं। इस टकराव ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर पाकिस्तान में प्रस्तावित शांति वार्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिकी वार्ताकार सोमवार को इस्लामाबाद के लिए रवाना हो रहे हैं।

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कूटनीति बनाम टकराव

ईरान की ओर से आधिकारिक तौर पर वार्ता की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने संकेत दिए हैं कि ईरान कूटनीति से पीछे नहीं हटेगा। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि दोनों देशों के बीच मतभेद गहरे हैं और समाधान आसान नहीं होगा। ऐसे में यह घटना आने वाले दिनों में खाड़ी क्षेत्र की स्थिति को और जटिल बना सकती है।

Location :  Tehran

Published :  20 April 2026, 9:59 AM IST

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