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पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी (File Photo)
New Delhi: बंगाल चुनाव के बीच भारत सरकार ने दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में अपना नया उच्चायुक्त नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब भारत और बांग्लादेश के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत जारी है और दोनों देश अपने संबंधों को संतुलित और मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता दिनेश त्रिवेदी की यह नियुक्ति राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल की राजनीति को ध्यान में रखते हुए इसे बीजेपी का एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जो आगामी चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है।
4 जून, 1950 को जन्मे दिनेश त्रिवेदी पश्चिम बंगाल की बैरकपुर लोकसभा सीट से साल 2009 से 2019 तक सांसद रहे। इसके अलावा, वे दो अलग-अलग कार्यकालों में 1990-96, 2002-08 तक राज्यसभा सांसद भी रहे। उन्हें साल 2012 में रेल किराया बढ़ाने के चलते अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।2012 के रेल बजट में दिनेश त्रिवेदी ने यात्री किराया बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। यह बढ़ोतरी कई सालों बाद की जा रही थी, ताकि रेलवे की खराब वित्तीय स्थिति सुधारी जा सके। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी इस किराया बढ़ोतरी के खिलाफ थीं। पार्टी का मानना था कि इससे आम जनता पर बोझ पड़ेगा। पार्टी ने सार्वजनिक रूप से ही त्रिवेदी के फैसले का विरोध किया और उनसे इस्तीफा मांग लिया। इसके बाद मुकुल रॉय को रेल मंत्री बनाया गया था।
दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति मोदी सरकार की ओर से एक साफ संकेत है कि उसे अहम देशों में भारत के दूत के तौर पर राजनीतिक नेताओं को भेजने में कोई हिचक नहीं है, और ये बेहद चाही जाने वाली पोस्टिंग पर सिर्फ भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों का ही अधिकार क्षेत्र नहीं हैं। जहां पूर्व सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने 2019-2022 तक सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त के तौर पर काम किया, वहीं ढाका में त्रिवेदी की पोस्टिंग से यह भी संकेत मिलता है कि भारत अपने पड़ोसी देशों में दूत के तौर पर कद्दावर हस्तियों को भेजेगा।
Location : New Delhi
Published : 19 April 2026, 3:34 PM IST