हिंदी
वैश्विक बाजार ( Img: Google)
New Delhi: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है। होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी और जवाबी कार्रवाई की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई दिया, जहां ब्रेंट क्रूड में करीब 6% की तेजी दर्ज की गई।
सोमवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से नीचे खुला और शुरुआती कारोबार में दबाव में दिखा। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी कमजोरी के साथ खुला और निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखा गया।
शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में तेजी से रिकवरी देखने को मिली। कुछ समय के लिए सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा उछल गया, जिससे निवेशकों को राहत मिली। हालांकि यह तेजी स्थिर नहीं रही और कुछ ही देर में इंडेक्स फिर से दबाव में आ गए। निफ्टी भी इसी तरह उतार-चढ़ाव भरे दायरे में कारोबार करता रहा।
बाजार को कुछ बड़ी कंपनियों ने सपोर्ट दिया। बैंकिंग और पावर सेक्टर के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। SBI, ICICI Bank और कुछ मिडकैप स्टॉक्स में खरीदारी ने बाजार को संभालने में मदद की। स्मॉलकैप सेगमेंट में भी कुछ शेयरों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया।
शेयर मार्केट ने भरी उड़ान, आईटी सेक्टर ने किया निराश
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 20 April 2026, 11:16 AM IST