क्या डूबेगा निवेशकों का पैसा? राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में भारी गिरावट; जानें SEBI की कार्रवाई का पूरा सच

सेबी द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में गोल्ड रिफाइनिंग कंपनी 'राजेश एक्सपोर्ट्स' और उसके प्रमोटर राजेश मेहता पर सख्त कार्रवाई के बाद बुधवार को कंपनी के शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलते ही शेयर लोअर सर्किट पर पहुंच गया। नियामक ने प्रमोटर के लेन-देन पर रोक लगाते हुए 30 दिनों में जवाब मांगा है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 4 June 2026, 12:09 PM IST
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New Delhi : शेयर बाजार (Share Market) में बुधवार को उस समय हलचल मच गई जब सोने की रिफाइनिंग और जूलरी मेकिंग कंपनी के प्रमुख कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलते ही कंपनी का शेयर लोअर सर्किट पर पहुंच गया। यह गिरावट भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की ओर से कंपनी और उसके प्रमोटर के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई के बाद देखने को मिली।

वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों ने बढ़ाई मुश्किलें

SEBI ने अपनी अंतरिम जांच में कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई है। नियामक संस्था का कहना है कि कंपनी ने अपने कारोबार से जुड़े आंकड़ों को असली स्थिति से कहीं ज्यादा दिखाया। सेबी ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए प्रमोटर राजेश मेहता पर अगले आदेश तक कंपनी के शेयरों में किसी भी प्रकार का लेन-देन करने पर रोक लगा दी है।

शेयर में आई तेज गिरावट

कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद निवेशकों में खलबली मच गई। पिछले सत्र में 110.15 रुपये पर बंद हुआ कंपनी का शेयर करीब 5% गिरकर 104.65 रुपये पर खुला। एक समय बाजार में इस शेयर ने 239 रुपये का उच्च स्तर छुआ था, जबकि पिछले 52 सप्ताह में इसका निचला स्तर 80.11 रुपये रहा है।

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आखिर क्या है पूरा मामला?

मामले की शुरुआत मार्च 2024 में मिली एक शिकायत से हुई थी। शिकायत में कंपनी की बैलेंस शीट में दर्शाए गए बड़े ट्रेड रिसीवेबल्स पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद सेबी ने अप्रैल 2020 से मार्च 2024 तक की अवधि की विस्तृत जांच शुरू की।

जांच को और गहराई से समझने के लिए एक स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट भी कराया गया। इस दौरान कंपनी के वित्तीय दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के साथ हुए लेन-देन की पड़ताल की गई।

विदेशी इकाइयों की भी होगी जांच

SEBI ने केवल भारत में मौजूद कारोबार ही नहीं, बल्कि सिंगापुर और स्विट्जरलैंड में संचालित कंपनी की सहायक इकाइयों के वित्तीय रिकॉर्ड की भी समीक्षा की है। नियामक ने कंपनी को 30 दिनों के भीतर जरूरी डॉक्यूमेंट्स और जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

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निवेशकों की नजर अगली कार्रवाई पर

राजेश एक्सपोर्ट्स देश की प्रमुख गोल्ड एंव जूलरी कंपनियों में गिनी जाती है। ऐसे में इस मामले पर निवेशकों और बाजार एक्सपर्ट्स की नजर बनी हुई है। अब सबकी निगाहें सेबी की अंतिम जांच रिपोर्ट और आगे की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं, जो कंपनी के भविष्य की दिशा तय कर सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  4 June 2026, 12:09 PM IST

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