सावधान! आसमान से बरस रही आग, यूपी में 48 घंटे का ‘हीट टॉर्चर अलर्ट’
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अप्रैल में ही तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और कई जिलों में लू का रेड अलर्ट जारी है। दोपहर के समय हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं, जहां सड़कों पर सन्नाटा पसर रहा है। आखिर कब मिलेगी इस तपिश से राहत? मौसम का यह रुख आने वाले दिनों में क्या नया संकेत दे रहा है, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश में गर्मी ने इस बार अप्रैल में ही जून जैसी तबाही मचा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के बड़े हिस्से में अगले 48 घंटों के लिए भीषण लू और रेड अलर्ट जारी किया है। तेज धूप और गर्म पछुआ हवाओं ने पूरे प्रदेश को जैसे तपते तंदूर में बदल दिया है। (Img: Google)
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दक्षिणी यूपी के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 1-2 दिनों में यह 45 डिग्री को भी पार कर सकता है। लगातार बढ़ती गर्मी से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। (Img: Google)
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वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर, जौनपुर, देवरिया और गोरखपुर में लू को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया गया है। दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली हो रही हैं और लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं। (Img: Google)
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राजधानी लखनऊ और कानपुर में भी तापमान लगातार रिकॉर्ड बना रहा है। लखनऊ में पारा 42 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जबकि कानपुर में यह 43 डिग्री के आसपास बना रह सकता है। रात के समय भी गर्म हवाओं के कारण राहत नहीं मिल रही। (Img: Google)
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राजधानी लखनऊ और कानपुर में भी तापमान लगातार रिकॉर्ड बना रहा है। लखनऊ में पारा 42 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जबकि कानपुर में यह 43 डिग्री के आसपास बना रह सकता है। रात के समय भी गर्म हवाओं के कारण राहत नहीं मिल रही। (Img: Google)
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आगरा, मथुरा, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में भी गर्मी का असर कम नहीं है। कई इलाकों में रात का तापमान भी सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे ‘उष्ण रात्रि’ की स्थिति बन गई है। (Img: Google)
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विशेषज्ञों के अनुसार, शुष्क पछुआ हवाएं और कम नमी इस भीषण गर्मी के मुख्य कारण हैं। आने वाले दिनों में बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। लोगों को दोपहर में धूप से बचने, अधिक पानी पीने और हल्का भोजन करने की सलाह दी गई है। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए सिंचाई पर ध्यान देने को कहा गया है। (Img: Google)