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पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार (सोर्स-गूगल)
New Delhi: पाकिस्तान एक बार फिर वैश्विक आतंकवाद को लेकर कठघरे में आ गया है। इस बार खुद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने संसद में खुले तौर पर आतंकवादी संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) का समर्थन किया है। यह वही संगठन है, जिसे अमेरिका ने हाल ही में विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है और जिसकी भूमिका अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में पाई गई थी। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी।
संसद में TRF का बचाव
पाकिस्तानी संसद में बोलते हुए इशाक डार ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के बयान से TRF का नाम हटवाने के लिए हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा, “हमें कई देशों से फोन आए लेकिन हमने TRF का नाम हटाने का विरोध जारी रखा और अंत में नाम हटा भी दिया गया।” डार ने यह भी दावा किया कि TRF को अवैध संगठन मानने का कोई कारण नहीं है, क्योंकि अभी तक उन्होंने खुद हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
यह बयान तब आया है, जब TRF ने खुद सोशल मीडिया पर पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी और अमेरिका व भारत की खुफिया एजेंसियों ने भी इसकी पुष्टि की है कि TRF, लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया रूप है, जिसे ISI का समर्थन प्राप्त है।
प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स-गूगल)
अमेरिका ने TRF को घोषित किया आतंकवादी संगठन
18 जुलाई 2025 को अमेरिका ने TRF को Foreign Terrorist Organization (FTO) और Specially Designated Global Terrorist (SDGT) की सूची में शामिल कर दिया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, “TRF ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी और यह हमला 2008 के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे बड़ा हमला था।” अमेरिका के इस फैसले के बाद TRF पर किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद या संसाधनों की आपूर्ति प्रतिबंधित कर दी गई है।
भारत ने किया अमेरिकी कदम का स्वागत
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह भारत-अमेरिका की आतंकवाद के प्रति मजबूत साझेदारी को दर्शाता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “TRF को FTO और SDGT घोषित करने के लिए अमेरिका का धन्यवाद। आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की हमारी नीति अडिग है।”
TRF का आतंकी इतिहास
TRF पिछले कुछ वर्षों से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है और कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है। इसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और लश्कर-ए-तैयबा का प्रत्यक्ष समर्थन प्राप्त है। इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाना और भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना है।
Location : New Delhi
Published : 20 July 2025, 9:51 AM IST
Topics : India Pahalgam Attack terrorist organization TRF UNSC