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गोला-बारूद से आगे बढ़ी जंग (Img- X)
New Delhi: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब सिर्फ सीमाओं पर गोलियां बरसाने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका सीधा असर अब आपकी-हमारी जेब और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है। यूक्रेन ने कजाखस्तान की मशहूर कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम (सीपीसी) पर एक बड़ा ड्रोन हमला कर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सप्लाई की रीढ़ पर चोट की है।
इस हमले के बाद एहतियातन पाइपलाइन से तेल का प्रवाह कम कर दिया गया है। रूस ने इसे सीधा 'ऊर्जा आतंकवाद' करार देते हुए चेतावनी दी है कि इस हरकत से पहले से ही नाजुक वैश्विक तेल बाजार की कमर टूट जाएगी।
हमले का असर इतना घातक रहा कि शुक्रवार को काला सागर (ब्लैक सी) स्थित सीपीसी के प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल को पूरी तरह बंद करना पड़ा। गौरतलब है कि इस सीपीसी पाइपलाइन के जरिए दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 2 प्रतिशत हिस्सा सप्लाई होता है।
रूस, कजाखस्तान और अमेरिका के इस संयुक्त उपक्रम के ठप पड़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की किल्लत होना तय माना जा रहा है। मध्य पूर्व और ईरान के हालातों की वजह से पहले से ही वैश्विक तेल सप्लाई घटी हुई थी, ऐसे में यूक्रेन का यह कदम दुनिया भर में ईंधन के दाम बढ़ा सकता है।
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एक तरफ जहां ऊर्जा मोर्चे पर तनाव चरम पर है, वहीं दूसरी ओर दोनों देशों में आम नागरिकों की जान जाने का सिलसिला थमा नहीं है। शनिवार को रूस के नियंत्रण वाले जापोरिज्जिया इलाके में स्थित हॉलिडे कैंपों पर यूक्रेन के ताबड़तोड़ हमलों में 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दूसरी तरफ, रूस ने भी पलटवार करते हुए यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी सुमी क्षेत्र को निशाना बनाया, जहां रूसी ड्रोन हमले में 3 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई।
Location : New Delhi
Published : 26 July 2026, 10:26 AM IST