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पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात (Img: X)
New Delhi: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने एक बार फिर भारत का रुख स्पष्ट किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को खत्म करने तथा शांति स्थापित करने के प्रयासों में हर संभव मदद के लिए तैयार है। भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि युद्ध किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही निकाला जा सकता है। उन्होंने युद्ध को समाप्त करने और शांति का रास्ता तलाशने की जरूरत पर जोर दिया। भारत का कहना है कि संघर्ष का असर केवल रूस और यूक्रेन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है। ऐसे में तनाव कम करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए बातचीत को प्राथमिकता देना जरूरी है।
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पीएम मोदी इससे पहले अगस्त 2026 में किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के दौरान भी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात कर चुके हैं। उस दौरान भी उन्होंने युद्ध को लेकर भारत की चिंता जाहिर की थी। पीएम मोदी ने मानवता के हित में दुनिया को लंबे समय तक चलने वाले युद्ध से बाहर निकलकर शांति की ओर बढ़ने की जरूरत बताई थी। उन्होंने लगातार चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में प्रयास तेज करने पर जोर दिया था।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी स्पष्ट किया है कि भारत रूस और यूक्रेन दोनों के संपर्क में बना हुआ है। भारत दोनों पक्षों से बातचीत कर रहा है और तनाव कम करने वाले संभावित सुझावों पर काम कर रहा है। भारत का रुख रहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच किसी भी विवाद का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए। इसी वजह से भारत दोनों देशों के साथ अपने संपर्क को बनाए रखते हुए शांति के प्रयासों को समर्थन देता रहा है।
मोदी और पुतिन की बैठक में सिर्फ यूक्रेन युद्ध ही चर्चा का विषय नहीं रहा। दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार किया गया।
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रूस-यूक्रेन संघर्ष और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच मोदी-पुतिन की यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत एक ओर रूस के साथ अपने पुराने रणनीतिक संबंधों को मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शांति और कूटनीति के जरिए यूक्रेन संघर्ष के समाधान की वकालत करता रहा है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान हुई इस बातचीत से यह संदेश भी सामने आया कि भारत युद्ध के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालने और वैश्विक शांति के प्रयासों में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
Location : New Delhi
Published : 11 September 2026, 7:04 PM IST