अब सितंबर में बड़ा फैसला हो सकता है! महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद में हलचल तेज

ब्रिक्स समिट के बाद दिल्ली में संसद के विशेष सत्र को लेकर हलचल तेज होने की खबर है। चर्चा है कि महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों के परिसीमन से जुड़े बड़े फैसलों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार सितंबर में कुछ दिनों का सत्र बुला सकती है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 11 September 2026, 6:58 PM IST
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New Delhi: ब्रिक्स समिट के बाद संसद के विशेष सत्र को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों के परिसीमन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने के लिए सितंबर में संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह सत्र करीब 18 सितंबर के आसपास दो से तीन दिनों का हो सकता है।

महिला आरक्षण पर सरकार की नजर

सरकार की कोशिश महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाने की बताई जा रही है। इसके तहत लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू करने का रास्ता तैयार होगा। अगर प्रस्तावित प्रक्रिया समय पर आगे बढ़ती है, तो इसका बड़ा असर 2029 के लोकसभा चुनाव में दिखाई दे सकता है।

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महिला आरक्षण के साथ लोकसभा सीटों के परिसीमन का मुद्दा भी बेहद अहम है। परिसीमन के तहत आबादी के नए आंकड़ों के आधार पर लोकसभा सीटों की सीमाओं और संख्या में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। यही वजह है कि इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चर्चा तेज है।

पहले अगस्त में थी सत्र की चर्चा

इससे पहले अगस्त में भी विशेष सत्र बुलाए जाने की अटकलें सामने आई थीं। हालांकि, उस समय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ऐसी खबरों को खारिज किया था। बताया गया था कि सरकार जरूरी संख्या बल जुटाने और विपक्षी दलों के साथ सहमति बनाने की कोशिश में लगी हुई थी।

सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, सरकार इस अहम संविधान संशोधन से जुड़े प्रस्तावों को पारित कराने के लिए कांग्रेस समेत कुछ क्षेत्रीय दलों के साथ बातचीत कर रही है। 

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2029 के चुनाव पर पड़ सकता है असर

अगर सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती है और प्रस्ताव संसद से मंजूर हो जाते हैं, तो इसका असर तुरंत होने की संभावना नहीं है। मौजूदा चर्चा के मुताबिक, 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इसका प्रभाव दिखाई देना मुश्किल है, जबकि 2029 के लोकसभा चुनाव तक नई व्यवस्था लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सितंबर में संसद का विशेष सत्र वास्तव में बुलाया जाएगा और अगर बुलाया गया तो सरकार इन दोनों मुद्दों पर कितनी तेजी से आगे बढ़ेगी। 

Location :  New Delhi

Published :  11 September 2026, 6:58 PM IST

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