BRICS Summit 2026: गर्मजोशी से हाथ, कूटनीति पर बात; दिल्ली में ‘दोस्त’ पुतिन का पीएम मोदी ने किया आत्मीय स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 11 September 2026, 5:31 PM IST
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New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया। बातचीत में भारत-रूस के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और निवेश समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

गर्मजोशी से हुआ दोनों नेताओं का स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात शुक्रवार को नई दिल्ली में हुई। बैठक की शुरुआत दोनों नेताओं के गर्मजोशी भरे अभिवादन से हुई। मोदी और पुतिन ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और गले मिलकर मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंधों को दिखाती है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुई इस बैठक को दोनों देशों के आपसी रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे पुतिन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए तीन दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे हैं। उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। पुतिन के दौरे के दौरान भारत और रूस के बीच कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें  व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा सहयोग प्रमुख हैं। दोनों देश मौजूदा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने के साथ ही भविष्य में सहयोग के नए रास्तों पर भी विचार कर सकते हैं।

यूक्रेन युद्ध के बाद पहली व्यक्तिगत ब्रिक्स यात्रा

रूसी राष्ट्रपति की इस यात्रा को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि फरवरी 2022 में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद यह रूस के बाहर किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उनकी पहली व्यक्तिगत भागीदारी है। ऐसे समय में पुतिन का भारत आना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव के बीच भारत लगातार सभी प्रमुख देशों के साथ अपने संबंधों को संतुलित बनाए रखने पर जोर देता रहा है।

रक्षा और ऊर्जा पर हो सकती है अहम बातचीत

मोदी-पुतिन वार्ता में रक्षा और ऊर्जा से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहने की संभावना है। भारत और रूस के बीच लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में सहयोग रहा है। दोनों पक्ष मौजूदा रक्षा परियोजनाओं और भविष्य के सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत कर सकते हैं।

इसके अलावा ऊर्जा सुरक्षा भी दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है। तेल और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा होने की संभावना है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखना अहम है।

व्यापार बढ़ाने पर भी रहेगा जोर

बैठक में भारत और रूस के बीच व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है। दोनों देश निवेश बढ़ाने और आर्थिक साझेदारी के नए क्षेत्रों की तलाश कर रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के बीच भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करना दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है। दोनों पक्ष आपसी व्यापार को बढ़ाने और कारोबारी संबंधों को आसान बनाने से जुड़े मुद्दों पर भी विचार कर सकते हैं।

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ब्रिक्स सम्मेलन के बीच बैठक पर नजर

नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता जुट रहे हैं। ऐसे में मोदी और पुतिन की बैठक पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर है। यह बातचीत केवल भारत-रूस संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति और ब्रिक्स के बढ़ते महत्व के संदर्भ में भी अहम मानी जा रही है। भू-राजनीतिक तनाव और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को बनाए रखना इस बैठक का महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  11 September 2026, 5:31 PM IST

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