CREST-IDFC फ्रॉड केस: 75 करोड़ के CREST घोटाले में पूर्व CEO पर CBI का बड़ा चाबुक

IDFC फ्रॉड केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने CREST के फंड में कथित गड़बड़ी के मामले में IFoS अधिकारी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। मामला करीब 75 करोड़ रुपये के सरकारी फंड की कथित हेराफेरी से जुड़ा है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 11 September 2026, 4:55 PM IST
google-preferred

New Delhi: CBI ने 11 सितंबर 2026 को CREST IDFC फ्रॉड केस में चार्जशीट दाखिल की। आरोप पत्र में IFoS अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव का नाम शामिल है। वह कथित गड़बड़ी के दौरान चंडीगढ़ रिन्यूेबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर थे। अधिकारी के अलावा M/s विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक को भी आरोपी बनाया गया है। CBI ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर यह कार्रवाई की है।

करीब 75 करोड़ रुपये के फंड में गड़बड़ी का मामला

यह पूरा मामला CREST के IDFC बैंक खातों में रखे सरकारी फंड से जुड़ा है। जांच एजेंसी के अनुसार, करीब 75 करोड़ रुपये की राशि के कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल और हेराफेरी की गई। CBI की जांच में आरोप है कि CREST के सरकारी पैसे को निर्धारित नियमों का पालन किए बिना निजी बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद इस रकम को कथित तौर पर अलग-अलग शेल कंपनियों के माध्यम से बाहर निकाला गया।

ये भी पढ़ें: SBI PO Result 2026: प्रोबेशनरी ऑफिसर प्रारंभिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी, कैसे करें रिजल्ट चेक

निजी इस्तेमाल के लिए रकम निकालने का आरोप

जांच के मुताबिक, सरकारी फंड को निजी बैंक खातों में भेजे जाने के बाद उसका इस्तेमाल कथित तौर पर निजी उद्देश्यों के लिए किया गया। रकम को शेल कंपनियों के जरिए इधर-उधर किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। CBI ने मामले की जांच के दौरान बैंक लेनदेन, फंड ट्रांसफर और संबंधित संस्थाओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। एजेंसी ने इन्हीं जांच निष्कर्षों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है।

सरकारी धन के इस्तेमाल पर उठे सवाल

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर है। सरकारी संस्थाओं के फंड को निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के तहत खर्च किया जाना होता है। लेकिन CBI के आरोपों के मुताबिक, CREST के फंड को निजी खातों में ट्रांसफर किया गया और बाद में अलग-अलग माध्यमों से उसका इस्तेमाल किया गया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले में अदालत के सामने आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सुनवाई होगी।

हरियाणा से जुड़े बड़े IDFC मामले के बाद कार्रवाई

CREST मामले में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब CBI ने हाल ही में हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े करीब 504 करोड़ रुपये के IDFC बैंक घोटाले में भी बड़ी कार्रवाई की थी। इस मामले में जांच एजेंसी ने 6 IAS अधिकारियों समेत 19 लोगों के खिलाफ तीसरी चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद अब CREST से जुड़े करीब 75 करोड़ रुपये के कथित फंड घोटाले में IFoS अधिकारी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।

ये भी पढ़ें: ICICI डायरेक्टर की भविष्यवाणी: इन 5 शेयरों से 2026 में हो सकता है शानदार रिटर्न; जानें सबकुछ

जांच के बाद सामने आए तथ्य

CBI की कार्रवाई से सरकारी फंड के प्रबंधन और उसके इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एजेंसी का आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर सरकारी रकम को निजी खातों में पहुंचाया गया और फिर शेल कंपनियों के माध्यम से उसका कथित दुरुपयोग किया गया। फिलहाल चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले में अदालत की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

Location :  New Delhi

Published :  11 September 2026, 4:55 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement