जहां मिलना था सुरक्षा का आंचल, वहीं क्यों घुट रहा है बचपन? वृंदावन की दीवारों से उठी दर्दनाक चीख

वृंदावन के राजकीय बाल गृह (बालिका) से किशोरी के लापता होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नौ महीने पहले शुरू हुए इस बाल गृह में यह चौथी बड़ी घटना है। अब परिसर में 24 घंटे निगरानी के लिए अस्थायी पुलिस चौकी बनाने की तैयारी की जा रही है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 11 September 2026, 3:58 PM IST
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Vrindavan: उत्तर प्रदेश के वृंदावन के राजकीय बाल गृह (बालिका) से एक किशोरी के भागने का मामला सामने आया है। घटना के दूसरे दिन भी पुलिस को किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस उसके गृह जनपद औरैया में परिजनों से संपर्क करने के साथ ही लगातार तलाश में जुटी है।

घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है। करीब 1:30 बजे एक युवक सिलिंडर लेकर बाल गृह पहुंचा था। उसे परिसर के अंदर ले जाते समय कर्मचारियों से दरवाजा बंद करना छूट गया। आरोप है कि इसी लापरवाही का फायदा उठाकर किशोरी करीब 3 बजे बाल गृह से बाहर निकल गई। शाम को जब उसके गायब होने की जानकारी हुई तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई और तलाश शुरू की गई।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तलाश

किशोरी की तलाश के लिए पुलिस ने बाल गृह और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिसकर्मियों ने किशोरी की तस्वीर के आधार पर आसपास के लोगों से पूछताछ भी की। जब स्थानीय स्तर पर किशोरी का कोई पता नहीं चला तो पुलिस ने उसके गृह जनपद औरैया की पुलिस से संपर्क किया।

औरैया पुलिस दिवियापुर थाना क्षेत्र स्थित उसके घर पहुंची, लेकिन वहां किशोरी के पिता नहीं मिले। पुलिस ने मामले में अलग-अलग स्तर पर जानकारी जुटाने के लिए तीन टीमें गठित की हैं। इन टीमों को किशोरी की तलाश और उसके सुरक्षित बरामदगी की जिम्मेदारी दी गई है।

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लापरवाही पर कर्मचारियों के खिलाफ केस

बाल गृह में सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही को लेकर कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल मुकदमा अज्ञात में दर्ज किया गया है।

जांच के दौरान जिस कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी, उसका नाम मुकदमे में शामिल किया जा सकता है। संस्था प्रभारी को चाइल्ड हेल्पलाइन को घटना की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नौ महीने में चौथी बड़ी घटना

राजकीय बाल गृह (बालिका) की स्थापना करीब नौ महीने पहले हुई थी। इतने कम समय में यहां चौथी बड़ी घटना सामने आने से सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले 21 अगस्त को बाल गृह में दो किशोरियों पर 14 वर्षीय शिवानी की हत्या का आरोप लगा था। आरोप था कि पानी से भरी बाल्टी में सिर डुबोकर उसकी जान ली गई। इस घटना ने भी बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

पहले भी सामने आ चुकी है लापरवाही

बाल गृह में इससे पहले भी सुरक्षा और अनुशासन को लेकर मामले सामने आ चुके हैं। 27 जनवरी 2026 की रात पांच किशोरियां कंबल को रस्सी की तरह इस्तेमाल कर परिसर से बाहर निकल गई थीं। इसके बाद 4 जून को तलाशी के दौरान बालिकाओं के पास से 11 मोबाइल फोन और चार चार्जर बरामद किए गए थे। मोबाइल की जांच को लेकर बालिकाओं ने नाराजगी जताई और हंगामा करते हुए तोड़फोड़ भी की थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद अब प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है।

तीन शिफ्ट में तैनात होंगे पुलिसकर्मी

बाल गृह की सुरक्षा मजबूत करने के लिए परिसर में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की तैयारी है। यहां पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तीन शिफ्ट में लगाई जाएगी, ताकि पूरे 24 घंटे निगरानी बनी रहे। पुलिसकर्मी परिसर के आसपास होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे। बाल गृह में आने-जाने वाले लोगों की निगरानी और उनके सत्यापन की व्यवस्था को भी सख्त किया जाएगा।

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बढ़ाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे

सुरक्षा व्यवस्था के दूसरे चरण में बाल गृह के अंदर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने की योजना है। ऐसे स्थानों को चिह्नित किया जाएगा, जहां निगरानी की जरूरत सबसे ज्यादा है।प्रशासन का उद्देश्य परिसर के प्रमुख हिस्सों पर लगातार नजर रखना है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Location :  Vrindavan

Published :  11 September 2026, 3:58 PM IST

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