नौकरी के लिए रूस गया था बेटा, अब वॉर जोन भेजे जाने का डर; मुजफ्फरनगर की मां की सरकार से गुहार

मुजफ्फरनगर का 26 वर्षीय यश कुमार नौकरी की तलाश में रूस पहुंचा था, लेकिन परिवार के मुताबिक वहां पहुंचने के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ती चली गईं। पासपोर्ट से लेकर गिरफ्तारी और कथित तौर पर सेना में भेजे जाने के डर तक, परिवार कई गंभीर आरोप लगा रहा है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 11 September 2026, 3:25 PM IST
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Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बड़सू गांव का 26 वर्षीय यश कुमार रूस में फंसा हुआ है। परिवार का आरोप है कि नौकरी के नाम पर रूस पहुंचे यश को पहले स्थानीय लोगों ने अपने कब्जे में रखा और बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अब परिवार को डर है कि कहीं उसे रूस की सेना में भर्ती कर युद्ध क्षेत्र में न भेज दिया जाए। बेटे की चिंता में मां अनीता देवी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद की अपील की है।

टेलीग्राम पर मिला था नौकरी का ऑफर

परिवार के मुताबिक यश को अप्रैल में टेलीग्राम के जरिए रूस में नौकरी का प्रस्ताव मिला था। इसके बाद वह बैंकॉक के रास्ते रूस पहुंचा। यश के चाचा सोनू सैनी का दावा है कि रूस पहुंचने के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने उसे रिसीव किया और उसका पासपोर्ट अपने पास रख लिया।

परिवार का आरोप है कि शुरुआती दिनों में यश को अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। करीब आठ-नौ दिन बाद उसे ऐसा काम दिया गया, जिसे लेकर वह कथित तौर पर परेशान हो गया। यश ने फोन पर अपनी मां को बताया कि उसे काम ठीक नहीं लग रहा और उसे धमकियां भी दी जा रही हैं।

पुलिस तक पहुंचने से पहले गिरफ्तारी का आरोप

यश के चाचा का कहना है कि परिवार ने उसे स्थानीय पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी थी। आरोप है कि पुलिस के पास पहुंचने से पहले ही सिविल कपड़ों में कुछ लोगों ने यश को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद से वह कई महीनों से हिरासत में है। परिवार का दावा है कि यश पर ऐसे अपराध को स्वीकार करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसे वह करने से इनकार कर रहा है। चाचा के मुताबिक यश ने अपने बयानों और पत्रों में खुद को निर्दोष बताया है। परिवार का यह भी आरोप है कि उस पर अपराध कबूल करने के बदले रूसी सेना में भेजे जाने की बात कही जा रही है।

“चार महीने से बेटे की कोई खबर नहीं”

यश की मां अनीता देवी ने वायरल वीडियो में बताया कि उनका बेटा कई महीनों से रूस में हिरासत में है। उनका कहना है कि पहले उन्हें बताया गया था कि बेटे को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिपोर्ट किया जा सकता है, लेकिन समय बीतने के बाद भी उसकी भारत वापसी नहीं हो सकी। अनीता देवी का कहना है कि उनका बेटा ही परिवार का मुख्य सहारा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।

परिवार को अब सरकारी मदद का इंतजार

परिवार का कहना है कि उन्होंने अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया है। परिवार चाहता है कि यश को पर्याप्त कानूनी सहायता मिले और उसकी स्थिति की स्पष्ट जानकारी सामने आए।

फिलहाल यश पर लगे आरोपों और रूस में उसकी कानूनी स्थिति को लेकर परिवार के दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  11 September 2026, 3:25 PM IST

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