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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो सोर्स- Pinterest)
New Delhi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि 60 दिनों के युद्धविराम की अवधि के दौरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर कोई टोल नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि व्यापक शांति समझौता पूरा नहीं होता है, तो भविष्य में अमेरिका इस मार्ग पर शुल्क लगाने का विकल्प चुन सकता है।
ट्रंप के अनुसार, यह टोल मध्य पूर्वी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अब तक किए गए खर्चों की भरपाई के लिए लागू किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वर्तमान 60 दिन की अवधि में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि युद्धविराम की 60 दिन की अवधि में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों पर कोई टोल नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि 60 दिन बाद भी कोई टोल नहीं लगेगा, जब तक कि अमेरिका स्वयं इसे लागू करने का निर्णय न ले।
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में यह भी संकेत दिया कि यदि व्यापक समझौता लागू नहीं होता है, तो अमेरिका इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा के बदले शुल्क वसूल सकता है।
दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा की है। यह कदम उस अंतरिम युद्धविराम समझौते के कुछ ही दिनों बाद उठाया गया है, जिसे अमेरिका और ईरान के बीच लगभग चार महीने से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए स्वीकार किया गया था।
ईरान ने कहा है कि लेबनान में इजरायली गतिविधियों और युद्धविराम लागू कराने में अमेरिका की कथित विफलता के कारण यह निर्णय लिया गया है। आईआरजीसी ने सभी जहाजों को इस समुद्री मार्ग से दूर रहने की चेतावनी दी है और कहा है कि जो भी जहाज इसमें प्रवेश करेगा, वह अपने जोखिम पर करेगा।
आईआरजीसी ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में प्रवेश करने वाले जहाज अपनी जिम्मेदारी पर होंगे। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और युद्धविराम की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का निर्यात होता है। ईरान के इस कदम के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा से अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि शनिवार को 55 व्यापारिक जहाज इस मार्ग से सुरक्षित रूप से गुजरे। इन जहाजों में लगभग 1 करोड़ 70 लाख बैरल से अधिक तेल और अन्य सामान ले जाया गया। अमेरिकी सेना ने कहा है कि वह इस समुद्री मार्ग से व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने अमेरिका पर अंतरिम समझौते की शर्तों का पालन न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि समझौते में सभी मोर्चों पर युद्धविराम लागू करने की बात थी, जिसमें लेबनान भी शामिल है, लेकिन अमेरिका इस दिशा में विफल रहा है।
मोखबर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जब तक समझौता जमीन पर लागू नहीं होता, तब तक मध्य-पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित रहेगी। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है, खासकर जब लेबनान में इजरायली बलों और हिज्बुल्लाह के बीच झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं।
Location : New Delhi
Published : 21 June 2026, 9:31 AM IST