DM पर तहसीलदार के सनसनीखेज आरोप! कोर्ट तक पहुंचा मामला, आखिर ऐसा क्या हुआ?

फिरोजाबाद में एक तहसीलदार ने पूर्व जिलाधिकारी और उनके करीबी कर्मचारियों पर ऐसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी चर्चा सरकारी गलियारों से लेकर न्यायालय तक पहुंच गई है। मामला सिर्फ भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दबाव, प्रताड़ना और कथित वसूली जैसे आरोप भी शामिल हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 9 June 2026, 1:23 PM IST
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Firozabad: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में पूर्व जिलाधिकारी और तत्कालीन तहसीलदार का तबादला हो चुका है, लेकिन विवाद अभी भी समाप्त नहीं हुआ है। अब तत्कालीन तहसीलदार राखी शर्मा ने आगरा की अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए पूर्व जिलाधिकारी रमेश रंजन समेत अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।

कोर्ट में लगाए भ्रष्टाचार और प्रताड़ना के आरोप

राखी शर्मा ने विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल कर पूर्व जिलाधिकारी रमेश रंजन, ओएसडी शैलेंद्र शर्मा, वरिष्ठ लिपिक राजेंद्र खन्ना, अजीत उपाध्याय और दोजी राम पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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याचिका में दावा किया गया है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक संगठित तंत्र बनाकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों पर दबाव बनाया और कथित रूप से अवैध धन उगाही का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने डीआईजी और मंडलायुक्त से रिपोर्ट तलब की है। अगली सुनवाई 12 जून को निर्धारित की गई है।

‘वेतन रोकने और दबाव बनाने’ का आरोप

प्रार्थनापत्र के अनुसार, राखी शर्मा 4 सितंबर 2024 से 16 अप्रैल 2026 तक तहसीलदार टूंडला के पद पर कार्यरत थीं। उनका आरोप है कि अवैध धन की मांग पूरी न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने दावा किया है कि आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में कथित लापरवाही का आरोप लगाकर उनका वेतन रोक दिया गया। साथ ही विभिन्न माध्यमों से उन पर लगातार दबाव बनाया गया और प्रशासनिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

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आईफोन देने के दावे ने खींचा ध्यान

मामले में सबसे चर्चित आरोप यह है कि वेतन जारी कराने के लिए उनसे महंगा मोबाइल फोन देने का दबाव बनाया गया। याचिका में दावा किया गया है कि परिस्थितियों के दबाव में उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि इन आरोपों की अभी तक न्यायिक या प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। अदालत में प्रस्तुत आरोपों की जांच और रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। विशेष न्यायाधीश मृदुल दुबे ने मामले को गंभीर मानते हुए डीआईजी और मंडलायुक्त से रिपोर्ट मांगी है।

Location :  Firozabad

Published :  9 June 2026, 1:23 PM IST

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