हिंदी
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Mumbai: आर्थिक राजधानी मुंबई के अंधेरी क्षेत्र से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ औद्योगिक विकास क्षेत्र (MIDC) पुलिस ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए सात ऐसे विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जो बिना किसी वैध दस्तावेज़ के भारत में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए सभी आरोपी बांग्लादेश के मूल निवासी हैं और लंबे समय से मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में अपनी पहचान छिपाकर अवैध तरीके से रह रहे थे।
पुलिस को इस मामले में पहले से ही खुफिया जानकारी मिल रही थी। पुलिस की खुफिया एवं विशेष जांच इकाई को एक पुख्ता सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध विदेशी नागरिक रोजगार की तलाश में अंधेरी इलाके में आने वाले हैं। इस संवेदनशील इनपुट को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाई। अधिकारियों के निर्देश पर इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई और संदिग्धों को दबोचने के लिए एक बड़ा जाल बिछाया गया।
जैसे ही संदिग्ध लोग तय ठिकाने पर पहुंचे, सतर्क पुलिस टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया। जब पुलिस ने उनसे भारत में रहने के दस्तावेज़ मांगे, तो वे टालमटोल करने लगे। कड़ाई से की गई पूछताछ और कागजातों की गहन जांच के बाद यह साफ हो गया कि उनके पास भारत में रहने की कोई अनुमति या वैध पहचान पत्र नहीं था। प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये लोग करीब 15 साल पहले अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आए थे और तभी से यहाँ रह रहे थे।
अंधेरी पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए सात लोगों में चार पुरुष, दो महिलाएं और एक किशोर शामिल है। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया और गहन पूछताछ के लिए थाने लाया है। इन सभी के खिलाफ विदेशी नागरिक अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस अब इस मामले के हर पहलू को खंगालने में जुट गई है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि ये आरोपी बांग्लादेश में मौजूद अपने परिजनों के लगातार संपर्क में थे और समय-समय पर उनसे बात करते थे। पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि इन लोगों को मुंबई में इतने सालों तक पनाह देने वाले स्थानीय मददगार या गिरोह कौन हैं।
घर से निकली 16 साल की किशोरी, फिर आया मुंबई से फोन; परिजनों के पैरों तले खिसकी जमीन
इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह किसी संगठित अवैध मानव तस्करी या प्रवास नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
Location : Mumbai
Published : 6 June 2026, 2:37 PM IST