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क्या मुंबई लोकल का सफर बनता जा रहा है जानलेवा? (Img- X)
Mumbai: मुंबई लोकल जिसे शहर की लाइफलाइन कहा जाता है, वह अब धीरे-धीरे यात्रियों के बढ़ते मानसिक तनाव और गुस्से का अखाड़ा बनती जा रही है। परेल-अंबरनाथ लोकल ट्रेन के लगेज कोच में आधी रात को हुई दो यात्रियों की खूनी भिड़ंत महज एक आपसी विवाद नहीं है।
यह इशारा है उस फ्रस्ट्रेशन लेवल की ओर, जहां लोग सफर के दौरान अपनी सूझबूझ खो रहे हैं। रात के करीब 12:30 बजे जब पूरी मुंबई सोने की तैयारी कर रही थी, तब चलती ट्रेन के एक डिब्बे में दो लोग एक-दूसरे की जान लेने पर उतारू थे। यह नया एंगल सोचने पर मजबूर करता है कि क्या रात के सफर में मुंबईकर अब सुरक्षित बचे हैं?
सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। इस लड़ाई में किसी चाकू या धारदार हथियार का इस्तेमाल नहीं हुआ था। विवाद के दौरान एक यात्री ने अपनी कलाई में पहने भारी धातु के कड़े से दूसरे यात्री के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
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कड़े के इस घातक प्रहार से दूसरे शख्स का सिर फट गया और पूरा फर्श खून से लथपथ हो गया। हाथापाई में दोनों को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें स्ट्रेचर से रुक्माबाई अस्पताल ले जाया गया। एक यात्री की हालत नाजुक होने के कारण उसे सायन अस्पताल रेफर किया गया है, जहां डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
इस ताज़ा घटना ने पिछले महीने चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल में हुए मयंक लोहार हत्याकांड के जख्मों को फिर से हरा कर दिया है, जहां सिर्फ बारिश में दरवाजा खुला रखने के विवाद में एक 22 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई थी।
हालांकि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी सचिन रमेश सुवर्णा को दबोच लिया था, लेकिन ट्रेनों के भीतर बढ़ती यह हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। जीआरपी कल्याण अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर लोकल ट्रेनों के डिब्बों में आम यात्रियों की सुरक्षा और उनके व्यवहार की मॉनिटरिंग कैसे सुनिश्चित होगी?
Location : Mumbai
Published : 16 July 2026, 3:59 PM IST
Topics : Mumbai Local Fight Mumbai Crime Mumbai News