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NEET धांधली के खिलाफ अन्ना हजारे का मौन संग्राम (Img- Pinterest)
Mumbai: देश की राजधानी दिल्ली में NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन पर हुए लाठीचार्ज ने देश के वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे को अंदर तक झकझोर दिया है। छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग से दुखी होकर अन्ना हजारे ने गुरुवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में अपना मौन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस दौरान 87 वर्षीय अन्ना हजारे बेहद भावुक नजर आए।
अन्ना हजारे ने साफ किया है कि वे छात्रों की मांगों और उनके साथ हुए व्यवहार से बेहद आहत हैं। उन्होंने किसी भी तरह के भाषण या नारेबाजी के बजाय 'मौन आंदोलन' का रास्ता चुना है ताकि सरकार तक बिना हिंसा के कड़ा संदेश पहुँचाया जा सके। उनका यह मौन व्रत दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP की ओर से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक की जवाबदेही तय करने की मांग के समर्थन में है।
मौन व्रत शुरू करने से ठीक एक दिन पहले 22 जुलाई को अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावुक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने सरकार से अपील की थी कि वह हठ छोड़कर छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से बातचीत करे। अन्ना ने अपने पत्र में तीखा रुख अपनाते हुए लिखा, "शिक्षा प्रणाली को बचाने और छात्रों के भरोसे को बहाल करने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। एक मंत्री के इस्तीफे से सरकार नहीं गिर जाएगी।"
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20 जुलाई को दिए अपने बयान को दोहराते हुए अन्ना ने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की तस्वीरें बेहद दर्दनाक हैं। लोकतंत्र में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाना जितना गलत है, उतना ही गलत निहत्थे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग करना भी है। अन्ना ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर परीक्षा प्रणाली में धांधली की चिंताओं का स्थायी समाधान निकाले।
Location : Mumbai
Published : 23 July 2026, 4:32 PM IST
Topics : Anna Hazare CJP Protest Mumbai News NEET Paper Leak