क्या प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध लगाने की थी साजिश? मुंबई के जियो सेंटर से फर्जी पीएमओ अधिकारी और गनमैन गिरफ्तार

मुंबई के बीकेसी स्थित जियो सेंटर में पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले खुद को पीएमओ अधिकारी बताने वाला 24 वर्षीय युवक और उसका हथियारबंद अंगरक्षक गिरफ्तार। सुरक्षा में बड़ी चूक के बाद क्राइम ब्रांच कर रही है मामले की गहन जांच।

Updated : 8 September 2026, 4:47 PM IST
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Mumbai: मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित जियो सेंटर (नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र - एनएमएसीसी) के पास से प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में पहुंचने से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों ने दो संदिग्धों को धर दबोचा। इनमें से एक शख्स खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का बड़ा अधिकारी बताकर सुरक्षा तंत्र को गच्चा देने की फिराक में था।

संदिग्ध की चालाकी और सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी

पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए मुख्य संदिग्ध की उम्र महज 24 वर्ष है। यह शातिर शख्स वीवीआईपी मूवमेंट वाले इस इलाके में खुद को पीएमओ का प्रतिनिधि और अधिकारी बताकर प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। उसकी हरकतों और बयानों पर जब मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को संदेह हुआ, तो उन्होंने सख्ती से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान उसके साथ चल रहे एक अन्य व्यक्ति यानी उसके निजी अंगरक्षक की भी तलाशी ली गई, जिसके पास से एक संदिग्ध बंदूक बरामद की गई। बिना वैध और पुख्ता प्रोटोकॉल के हथियार के साथ इस तरह वीवीआईपी जोन में दाखिल होने की कोशिश ने मौके पर मौजूद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए।

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अपराध शाखा को सौंपी गई जांच की कमान

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए दोनों आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया। प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में हुई इस बड़ी चूक और संभावित खतरे के मद्देनजर मुंबई पुलिस कमिश्नर ने तुरंत मामले की कमान मुंबई क्राइम ब्रांच (अपराध शाखा) को सौंप दी है।

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सुरक्षा एजेंसियों के सामने खड़े हुए कई गंभीर सवाल

फिलहाल, क्राइम ब्रांच की विशेष टीमें दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इस 24 वर्षीय युवक के पास पीएमओ अधिकारी होने का झूठा दावा करने के पीछे की असली साजिश क्या थी। इसके अलावा, उसके साथ मौजूद हथियार का लाइसेंस असली है या फर्जी, और वे इतनी संवेदनशील सुरक्षा घेरे के अंदर तक कैसे पहुंच गए, इन तमाम बिंदुओं पर उच्चस्तरीय जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर अति-सुरक्षित वीवीआईपी आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पास वितरण प्रणाली की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Location :  New Delhi

Published :  8 September 2026, 4:47 PM IST

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