वक्फ से लेकर अल्पसंख्यक राजनीति तक, मोहसिन रजा को मिली नई भूमिका के क्या मायने?

यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने मोहसिन रजा को राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी है। कैबिनेट रैंक मिलने के साथ उनकी राजनीतिक भूमिका भी बढ़ गई है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 8 September 2026, 4:17 PM IST
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Lucknow : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी सरकार ने मोहसिन रजा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें कैबिनेट रैंक का दर्जा भी मिलेगा। ऐसे समय में जब यूपी की सियासत में अल्पसंख्यक वोट और विपक्ष की रणनीति को लेकर चर्चा तेज है, मोहसिन रजा की यह नई जिम्मेदारी राजनीतिक तौर पर भी अहम मानी जा रही है।

मोहसिन रजा इससे पहले योगी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी रहे हैं। बीजेपी से लंबे समय से जुड़े रजा को एक बार फिर अल्पसंख्यक समाज से जुड़े अहम संवैधानिक निकाय की जिम्मेदारी मिलना पार्टी की राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वक्फ के मुद्दे पर पहले ही मुखर रहे हैं रजा

नई जिम्मेदारी मिलने से कुछ समय पहले मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। 12 अगस्त को हुई इस मुलाकात में उन्होंने प्रदेश के वक्फ बोर्डों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। रजा ने दोनों वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जिला स्तर पर SIT जांच कराने और विशेष ऑडिट की मांग की थी।

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रजा के मुताबिक, पहले प्रदेश में दो लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड वक्फ संपत्तियां थीं, जबकि अब यह संख्या करीब 1.27 लाख रह गई है। उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान वक्फ बोर्ड के पर्याप्त ऑडिट नहीं होने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि 70 हजार से ज्यादा संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब हुईं या उन पर अवैध कब्जे हुए। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बीजेपी की अल्पसंख्यक राजनीति में अहम चेहरा

मोहसिन रजा लंबे समय से बीजेपी की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था। इसके बाद उन्हें पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया और 2017 में योगी सरकार बनने के बाद मंत्री की जिम्मेदारी मिली।

अब अल्पसंख्यक आयोग की कमान मिलने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका फिर चर्चा में है। कैबिनेट रैंक के साथ मिलने वाली यह जिम्मेदारी उन्हें सरकार और संगठन के बीच अल्पसंख्यक मुद्दों पर एक प्रमुख चेहरा बना सकती है। चुनावी नजरिए से देखें तो बीजेपी के लिए यह नियुक्ति अपने अल्पसंख्यक आउटरीच को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखी जा सकती है।

क्रिकेट से राजनीति तक का सफर

मोहसिन रजा की पहचान राजनीति के अलावा क्रिकेट से भी रही है। वह रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके अलावा मॉडलिंग और अभिनय से भी उनका जुड़ाव रहा है। 1995 में उन्हें ‘प्रिंस लखनऊ’ चुना गया था।

Location :  Lucknow

Published :  8 September 2026, 4:17 PM IST

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