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प्रतीकात्मक छवि (Img- AI)
Mumbai: सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सेहत से किस कदर खिलवाड़ किया जाता है, इसकी एक खौफनाक तस्वीर ठाणे के कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल से सामने आई है। अस्पताल के वार्ड नंबर 6 में आंखों के ऑपरेशन के लिए भर्ती एक मरीज को रात के वक्त जो खाना दिया गया, उसमें मरा हुआ कॉकरोच तैरता मिला।
खाने की थाली में कॉकरोच देखते ही मरीज के होश उड़ गए। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन द्वारा बांटे जाने वाले भोजन की शुद्धता और सफाई व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं।
28 अगस्त की रात घटी इस गंभीर वारदात के चार दिन बीत जाने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने न तो पीड़ित मरीज की सुध ली और न ही मामले की कोई प्राथमिक जांच शुरू की।
घटना की भनक लगते ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के जनहित व कानूनी विंग के ठाणे शहर अध्यक्ष स्वप्निल महिंद्रकर के नेतृत्व में मनसे कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में धावा बोल दिया। कार्यकर्ताओं ने सीधे अस्पताल की डीन डॉ. स्वप्नाली कदम के दफ्तर में धरना दे दिया, जिससे परिसर में काफी देर तक तनाव बना रहा।
प्रदर्शन के दौरान मनसे नेताओं ने भोजन आपूर्ति करने वाले कैटरिंग ठेकेदार के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग की। मनसे पदाधिकारियों आकाश शिंदे, संदीप काडू, दिनकर फुलसुंदर, गौरव केलशिकर और सिद्धेश सिंह ने आरोप लगाया कि मरीजों की जान जोखिम में डालने वाले ठेकेदारों को प्रशासनिक शह मिल रही है। भारी दबाव के बाद डीन डॉ. कदम और डॉ. मलगांवकर ने पीड़ित मरीज से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली।
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हंगामे के बाद जागे अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में खाने के सैंपल जांच के लिए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को भेजने का फैसला किया है। प्रशासन ने दो दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच पूरी कर दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। हालांकि, मनसे ने चेतावनी दी है कि केवल कागजी जांच से काम नहीं चलेगा; अगर ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
Location : Mumbai
Published : 3 September 2026, 10:59 AM IST