मां की ममता, 6 बच्चों की तड़प और 15 लाख का खेल! अपनों के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची बदहवास मां; क्या मिलेगा इंसाफ?

छह नाबालिग बच्चों की कस्टडी के लिए 38 वर्षीय विधवा मां हाईकोर्ट पहुंची है। आरोप है कि बड़ी बेटी ने उसके बैंक खातों से करीब 15 लाख रुपये निकाल लिए और अब बच्चों को मां के साथ जाने नहीं दिया जा रहा।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 28 August 2026, 9:02 AM IST
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New Delhi: गुजरात के कच्छ जिले की 38 वर्षीय विधवा महिला ने अपने छह नाबालिग बच्चों की कस्टडी पाने के लिए गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी 22 वर्षीय विवाहित बेटी ने उसके बैंक खातों पर नियंत्रण कर करीब 15 लाख रुपये निकाल लिए। महिला का यह भी आरोप है कि बेटी के घर से निकलने के बाद उसे अपने छोटे बच्चों को साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।

छह बच्चों की कस्टडी के लिए दायर की याचिका

महिला ने गुजरात हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus) दायर कर अपने छह नाबालिग बच्चों को उसके साथ भेजने की मांग की है। इन बच्चों की उम्र तीन से 14 वर्ष के बीच बताई गई है।

मामले की सुनवाई जस्टिस संगीता विशेन और जस्टिस उत्कर्ष टी. देसाई की खंडपीठ कर रही है। कोर्ट ने 25 अगस्त को महिला की बड़ी बेटी, उसके पति, कच्छ के पुलिस अधीक्षक और नखत्राणा थाने के पुलिस निरीक्षक समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। सभी से 8 सितंबर तक जवाब मांगा गया है।

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पति की मौत के बाद बेटी के घर गई थी महिला

याचिका के मुताबिक, महिला की पहली शादी से एक बेटी है, जबकि दूसरी शादी से उसके दो बेटे और चार बेटियां हैं। दूसरे पति की मौत के बाद उसकी विवाहित बड़ी बेटी ने महिला को अपने परिवार के साथ रहने के लिए बुलाया था।

इसके बाद महिला अपने छह नाबालिग बच्चों के साथ बड़ी बेटी के घर रहने चली गई। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन कुछ महीने बाद मां-बेटी के रिश्तों में विवाद शुरू हो गया।

बेटी पर 15 लाख रुपये निकालने का आरोप

महिला का आरोप है कि इसी दौरान उसकी बड़ी बेटी ने उसके बैंक खातों पर नियंत्रण हासिल कर करीब 15 लाख रुपये निकाल लिए। महिला का कहना है कि इसके बाद वह बेटी का घर छोड़कर चली गई, लेकिन उसके छह नाबालिग बच्चों को अपने साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।

महिला अब अपने बच्चों की कस्टडी पाने के लिए अदालत पहुंची है और उसने हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है।

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अब कोर्ट के जवाब पर टिकी नजर

फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। 8 सितंबर को होने वाली सुनवाई में बेटी और अन्य पक्ष अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद अदालत बच्चों की कस्टडी और महिला की याचिका पर आगे की दिशा तय करेगी। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बच्चों की कस्टडी मां को मिलेगी या नहीं। इसका फैसला अदालत मामले के तथ्यों और बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए करेगी।

Location :  New Delhi

Published :  28 August 2026, 9:02 AM IST

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