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बेटे के रूप में साधु बनकर घर पहुंचे ठग (IMG: Gemini)
Sonbhadra: जिस बेटे को एक परिवार ने 13 साल पहले खो दिया था, उसकी वापसी की उम्मीद शायद कभी खत्म नहीं हुई थी। इतने लंबे इंतजार के बाद जब अचानक साधु के भेष में कुछ लोग परिवार के सामने पहुंचे और उनमें से एक ने खुद को लापता बेटा बताया, तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने परिवार और रिश्तेदारों से जुड़ी ऐसी बातें बताईं, जिससे उन्हें लगा कि सचमुच उनका बेटा उनके सामने खड़ा है।
लेकिन कुछ ही समय बाद इस भावनात्मक कहानी में पैसों की मांग शुरू हो गई। आरोपियों ने परिवार से कहा कि कथित बेटे को घर वापस लाने के लिए उसके गुरु की अनुमति जरूरी है। इसके लिए गुरु दक्षिणा देनी होगी और करीब चार हजार लोगों को भंडारा भी कराना होगा। देखते ही देखते परिवार के सामने छह लाख रुपये की रकम रख दी गई।
मामला सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, करीब 13 साल पहले परिवार का लगभग 13 वर्षीय बेटा लापता हो गया था। उस समय परिवार ने उसे काफी तलाशा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। समय बीतता गया और बेटे की वापसी की उम्मीद धीरे-धीरे कमजोर होती गई। इसके बावजूद परिवार के मन में उसके लौटने की आस बनी रही। इसी भावनात्मक कमजोरी को आरोपियों ने कथित तौर पर अपनी ठगी की साजिश का आधार बनाया।
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पुलिस के मुताबिक, नाग पंचमी के दौरान दो लोग साधु के वेश में सिंगरौली जिले के पिपरझर स्थित परिवार के घर पहुंचे। इनमें से एक व्यक्ति ने दावा किया कि वह परिवार का वही बेटा है, जो करीब 13 साल पहले लापता हुआ था। सिर्फ इतना ही नहीं, कथित तौर पर उसने परिवार और रिश्तेदारों से जुड़ी कई ऐसी बातें बताईं, जिससे परिवार को उसके दावे पर भरोसा होने लगा। इतने वर्षों से बेटे की तलाश कर रहे परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।
यहीं से कथित ठगी का असली खेल शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार, परिवार ने जब उसे घर चलने के लिए कहा तो आरोपियों ने एक नई शर्त सामने रख दी। कथित युवक ने कहा कि वह अपने गुरु की अनुमति के बिना घर वापस नहीं जा सकता। इसके बाद गुरु दक्षिणा और करीब चार हजार लोगों को भोजन कराने के लिए भंडारा आयोजित करने की बात कही गई।
इसके लिए परिवार से छह लाख रुपये मांगे गए। परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कही तो कथित तौर पर रकम घटाकर पांच लाख रुपये करने की बात कही गई। बेटे को वापस पाने की उम्मीद में परिवार आरोपियों के झांसे में आता चला गया।
परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इतनी बड़ी रकम जुटाने की थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की बातों पर भरोसा करके परिवार ने पैसे जुटाने के लिए अपनी संपत्ति तक गिरवी रख दी। इसके बाद परिवार ने आरोपियों को एक लाख रुपये भेज भी दिए। लेकिन रकम मिलने के बाद भी कथित तौर पर आरोपियों की मांग खत्म नहीं हुई। उनसे बाकी पैसे की मांग जारी रही।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े सुराग जुटाए और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक, लापता बेटे के नाम पर परिवार को भावनात्मक रूप से फंसाकर उनसे पैसे ऐंठने की योजना बनाई गई थी। जांच के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरा गोसाईं, सिंटू, सेहलू उर्फ सेलू और मंगल प्रसाद के रूप में हुई है।
Location : Sonbhadra
Published : 9 September 2026, 1:47 PM IST