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प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
New Delhi: राजधानी दिल्ली में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। लोगों को निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले साइबर ठगों के लिए काम करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों आरोपी साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध करवाते थे, जिनके जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों से कुछ ही समय में करीब 1.56 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।
यह मामला शाहदरा जिले का है। पुलिस के मुताबिक, 9 अप्रैल को शाहदरा इलाके में रहने वाली एक महिला ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि कुछ लोगों ने उसे टेलीग्राम के जरिए संपर्क किया था। आरोपियों ने उसे ऑनलाइन निवेश में ज्यादा मुनाफा मिलने का झांसा दिया।
ठगों ने महिला को भरोसा दिलाया कि अगर वह पैसे निवेश करेगी तो उसे कुछ ही समय में अच्छा रिटर्न मिलेगा। उनकी बातों में आकर महिला ने धीरे-धीरे करीब 21 लाख रुपये निवेश कर दिए। साइबर ठगों ने एक फर्जी प्लेटफॉर्म के जरिए महिला के खाते में मुनाफे की रकम भी दिखानी शुरू कर दी, जिससे उसे भरोसा हो गया कि उसका पैसा बढ़ रहा है। लेकिन जब महिला ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की तो असली खेल सामने आया। ठगों ने पहले उससे और ज्यादा निवेश करने के लिए कहा और बाद में टेलीग्राम पर उसे ब्लॉक कर दिया। इसके बाद महिला को समझ आया कि उसके साथ ठगी हुई है।
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शिकायत मिलने के बाद शाहदरा जिला पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और बैंक खातों की जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस ठगी के पीछे एक बड़ा साइबर नेटवर्क काम कर रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सीधे लोगों को ठगने के बजाय साइबर अपराधियों को मदद पहुंचाते थे। ये लोग ठगी की रकम को निकालने और ट्रांसफर करने के लिए म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाते थे। इन खातों के जरिए साइबर ठग अपनी पहचान छिपाकर पैसों का लेनदेन करते थे।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के अमरोहा और मुरादाबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद सादिक (32) और जावेद अंसारी (34) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों की जानकारी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस इन डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
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शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों की जांच में पता चला है कि कुछ ही दिनों में इन खातों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन किया गया। पुलिस को शक है कि ये रकम अलग-अलग साइबर ठगी की वारदातों से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों ने कितने लोगों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध करवाए और इस गिरोह ने देश के किन-किन हिस्सों में ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में लगातार नए तरीके सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को ऑनलाइन निवेश, अनजान लिंक और सोशल मीडिया पर मिलने वाले लालच से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी निवेश से पहले उसकी पूरी जानकारी जांच लेना बेहद जरूरी है, ताकि मेहनत की कमाई को साइबर अपराधियों से बचाया जा सके।
Location : New Delhi
Published : 16 June 2026, 12:35 PM IST