कांवड़ ड्यूटी बनी जानलेवा! सांड के हमले में सफाईकर्मी घायल, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

बदायूं में कांवड़ रूट पर ड्यूटी के दौरान एक ग्रामीण सफाईकर्मी पर सांड ने हमला कर दिया, जिससे उसके सिर और शरीर पर 10 टांके लगे। ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि बिना प्रशिक्षण और शासन के आदेश के सफाईकर्मियों से सांड पकड़वाए जा रहे हैं। संघ ने ड्यूटी हटाने की मांग करते हुए कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 6 August 2026, 2:51 PM IST
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Budaun: कांवड़ यात्रा के दौरान लगाई गई एक ड्यूटी अब विवादों में घिर गई है। बदायूं में कांवड़ मार्ग पर सांड पकड़ने के दौरान एक ग्रामीण सफाईकर्मी पर सांड ने अचानक हमला कर दिया। हमले में कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर व शरीर पर 10 टांके लगाने पड़े। घटना के बाद ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना प्रशिक्षण और बिना शासन के स्पष्ट आदेश के कर्मचारियों को जान जोखिम में डालने वाला काम कराया जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि यह ड्यूटी तत्काल नहीं हटाई गई तो जिलेभर के सफाईकर्मी कार्य बहिष्कार करेंगे।

कछला कांवड़ मार्ग पर हुआ हादसा

घटना विकास खंड उझानी क्षेत्र के कछला कांवड़ मार्ग की बताई जा रही है। ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के अनुसार, सफाईकर्मी बन्टू की ड्यूटी कांवड़ रूट पर लगाई गई थी। आरोप है कि ड्यूटी के दौरान उनसे सांड पकड़ने का काम कराया जा रहा था।

राहगीरों ने बचाई जान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बन्टू की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद राहगीर मौके पर दौड़े और किसी तरह सांड को वहां से हटाया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात अन्य सफाईकर्मी भी मौके पर पहुंचे और घायल कर्मचारी को उझानी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के दौरान उसके सिर और शरीर पर 10 टांके लगाए। फिलहाल उसका इलाज जारी है।

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बिना प्रशिक्षण कराई जा रही ड्यूटी

ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष लालबहादुर सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को दिए पत्र में आरोप लगाया है कि पंचायत विभाग के महिला और पुरुष सफाईकर्मियों को सांड पकड़ने का कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि शासन स्तर से भी ऐसी ड्यूटी लगाने का कोई आदेश नहीं है।

ड्यूटी चार्ट को लेकर भी उठाए सवाल

संघ ने यह भी दावा किया है कि ड्यूटी चार्ट में ग्राम पंचायत सचिवों और पैरा वेट कर्मियों की भी तैनाती दिखाई गई थी, लेकिन घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे। संगठन का कहना है कि यदि संबंधित कर्मचारी मौके पर रहते तो शायद इस तरह का हादसा टाला जा सकता था।

अधिकारियों के अस्पताल न पहुंचने पर नाराजगी

सफाई कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि घटना के बाद कोई भी वरिष्ठ अधिकारी घायल कर्मचारी का हालचाल लेने अस्पताल नहीं पहुंचा। इसे लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि उनसे जोखिम भरा काम तो कराया जा रहा है, लेकिन दुर्घटना होने पर प्रशासन उनकी जिम्मेदारी लेने से बच रहा है।

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कार्य बहिष्कार की चेतावनी

संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सफाईकर्मियों से सांड पकड़ने की ड्यूटी तत्काल नहीं हटाई गई तो जिलेभर में कार्य बहिष्कार किया जाएगा। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस तरह के कार्य प्रशिक्षित विभागों या टीमों से कराए जाने चाहिए।

संघ ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने प्रशासन से मांग की है कि सफाईकर्मियों से सांड पकड़ने की ड्यूटी तुरंत वापस लेकर यह जिम्मेदारी पशुपालन विभाग या प्रशिक्षित टीम को सौंपी जाए। साथ ही घायल कर्मचारी बन्टू के इलाज का पूरा खर्च, दुर्घटना बीमा और उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए। संगठन ने बिना सक्षम आदेश ड्यूटी लगाने और घटना के समय कथित रूप से अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की भी मांग की है।

Location :  Budaun

Published :  6 August 2026, 2:51 PM IST

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