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डीजे की तेज आवाज के बीच अचानक अचेत हुई बच्ची (Source: Dynamite News)
Balrampur: गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान स्कूल के बाहर बज रहे तेज आवाज वाले डीजे से एक मासूम बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। कक्षा में बैठी बच्ची अचेत होकर गिर पड़ी। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। पुलिस ने डीजे मालिक को गिरफ्तार किया और बीट अधिकारी को निलंबित कर दिया।
बताया जा रहा है कि गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान स्कूल के बाहर तेज आवाज में डीजे बज रहा था। इसी दौरान कक्षा में मौजूद बच्ची अचानक अचेत हो गई। परिजन और स्कूल से जुड़े लोग उसे अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सवाल उठाए।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि विसर्जन, शादी और अन्य जुलूसों के दौरान कई जगह डीजे संचालक सड़क या चौराहे पर वाहन रोककर काफी देर तक तेज आवाज में संगीत बजाते हैं। कई बार दो या उससे अधिक डीजे वाहनों के बीच ज्यादा आवाज निकालने की होड़ भी देखने को मिलती है। इससे आसपास रहने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और अन्य लोगों को परेशानी होती है।
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हादसे के बाद डीजे संचालकों के लाइसेंस, परमिट और साउंड सिस्टम की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित मानकों के तहत अलग-अलग क्षेत्रों के लिए ध्वनि सीमा तय है। ऐसे में सवाल यह है कि तेज आवाज में चलने वाले साउंड सिस्टम की नियमित जांच और निगरानी कितनी प्रभावी तरीके से हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े एम्पलीफायर और वूफर वाले डीजे सिस्टम सड़कों पर लंबे समय तक चलते हैं, लेकिन कई मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं होती। हालांकि, जिले में कितने डीजे संचालकों के पास वैध अनुमति है और कितने उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं, इसका स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है।
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घटना के बाद डीजे मालिक की गिरफ्तारी और बीट अधिकारी के निलंबन से तत्काल कार्रवाई जरूर हुई है, लेकिन मामला केवल एक कार्रवाई तक सीमित नहीं है। अब निगरानी व्यवस्था, डीजे संचालन की अनुमति और ध्वनि सीमा के पालन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि जुलूसों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान डीजे की आवाज की निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था हो। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समय रहते कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे या संवेदनशील व्यक्ति को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
Location : Balrampur
Published : 24 September 2026, 9:01 AM IST