“बस एक मिनट के लिए मोबाइल देना…” इसी बहाने उड़ाए लाखों रुपये, बलरामपुर पुलिस ने साइबर खेल का किया खुलासा

बलरामपुर पुलिस ने ऐसे साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सिर्फ कुछ मिनट के लिए मोबाइल लेकर लोगों के बैंक खातों तक पहुंच बना लेता था। ठगी का तरीका इतना शातिर था कि पीड़ितों को लंबे समय तक भनक तक नहीं लगती थी।

Balrampur: जनपद की उतरौला पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आईफोन के जरिए यूपीआई वॉलेट कंप्रोमाइज कर लोगों के बैंक खातों से लाखों रुपये उड़ाने वाले एक शातिर साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक अभियुक्त और दो बाल अपचारियों को हिरासत में लिया है।

इनके पास से पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए तीन आईफोन, एक एंड्रॉइड फोन और 24 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

पूछताछ में हुआ मामले का खुलासा

यह जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने यूट्यूब से आईफोन के जरिए यूपीआई और वॉलेट लॉगिन की तकनीक सीखी थी। इसके बाद उन्होंने सेकंड हैंड आईफोन खरीदे। वे अपने परिचितों से फोटो खींचने या बात करने के बहाने मोबाइल मांगते थे और मौका पाकर उसकी सिम निकाल लेते थे।

इसके बाद सिम को अपने आईफोन में डालकर नवी यूपीआई और पेटीएम जैसे ऐप्स में नया पासकोड सेट कर लेते थे। आईफोन में ऐपल क्लाउड की मदद से लॉगिन सेशन सक्रिय रहता था, जिसके बाद वे सिम वापस पीड़ित के फोन में डाल देते थे।

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यूपीआई के जरिये करते थे भुगतान

लॉगिन सक्रिय रहने के कारण पीड़ित का खाता अभियुक्तों के आईफोन से नियंत्रित होता रहता था। इसके बाद अभियुक्त नेपाल के चन्द्रौटा स्थित कैसीनो और अन्य जगहों पर जाकर यूपीआई के माध्यम से भुगतान करते थे और उसके बदले नकद राशि प्राप्त कर लेते थे। इससे स्थानीय स्तर पर किसी को शक भी नहीं होता था और ऐसा प्रतीत होता था कि पैसे स्वयं खाताधारक ने निकाले हैं या बैंक की किसी तकनीकी खामी की वजह से कटे हैं।

​ठगी से मिली राशि का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग ऐप में दांव लगाने और अपने परिजनों के बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। इसके बाद आपस में पैसे बांट लिए जाते थे। साक्ष्य छुपाने के मकसद से ठगी में इस्तेमाल आईफोन को उतरौला की स्थानीय मोबाइल दुकानों पर बेच दिया जाता था और जरूरत पड़ने पर दूसरा सेकंड हैंड फोन खरीद लिया जाता था।

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फोटो खींचने के बहाने निकालते थे सिम

पूछताछ में सामने आया कि गिरोह ने मई माह में एक युवक का सिम निकालकर उसके खाते से नेपाल में तीन बार में 95 हजार रुपये का नकद भुगतान लिया था। इसी तरह एक अन्य पीड़ित के मोबाइल से फोटो खींचने के बहाने सिम निकालकर 1 लाख 65 हजार रुपये की चपत लगाई गई थी। इसमें से कुछ रकम ऑनलाइन गेमिंग में गंवा दी गई और बाकी की राशि रिश्तेदार के खाते में ट्रांसफर कर ली गई। साइबर सेल और उतरौला पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय एक बड़े साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिससे आगे होने वाली कई वित्तीय ठगियों पर लगाम लगेगी।

Location :  Balrampur

Published :  3 August 2026, 3:33 PM IST

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