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प्रतीकात्मक छवि (Image Source: Pinterest)
Nainital: उत्तराखंड में आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में हाई कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आदेशानुसार राज्य के न्यायिक अधिकारियों में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।
इस नई अधिसूचना के तहत कई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों (ADJ) के साथ-साथ सिविल जजों के स्थानांतरण और नई नियुक्तियां की गई हैं। इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य अदालतों के कामकाज में तेजी लाना और लंबित मामलों का निपटारा करना है।
इस प्रशासनिक बदलाव के तहत बच्चों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों की त्वरित सुनवाई को प्राथमिकता दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, कई विशेष पॉक्सो अदालतों में जजों की रिक्त सीटों को भरा गया है। काशीपुर में द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रितेश कुमार श्रीवास्तव को वहीं पर फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (पॉक्सो एक्ट) के रिक्त पद पर तैनात किया गया है।
इसके अलावा, टिहरी गढ़वाल के परिवार न्यायालय के जज अब्दुल कय्यूम की सेवाएं वापस लेते हुए उन्हें विकासनगर (देहरादून) में पॉक्सो कोर्ट का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं, कुसुम को देहरादून और सुधीर तोमर को नैनीताल की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (पोक्सो एक्ट) में भेजा गया है।
हाई कोर्ट ने निचली अदालतों की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी व्यापक बदलाव किए हैं। इसके तहत शंभू नाथ सिंह को ऊधम सिंह नगर से देहरादून और अनिल कुमार कोरी को जोशीमठ से द्वारहाट ट्रांसफर किया गया है।
अन्य नियुक्तियों में प्रतीक मथेला (ऊधम सिंह नगर), अनुराग त्रिपाठी (प्रथम अतिरिक्त, देहरादून), प्रतीक्षा केसरवानी (प्रथम अतिरिक्त, ऊधम सिंह नगर), ईशांक (द्वितीय अतिरिक्त, देहरादून), और नवीन राणा (तृतीय अतिरिक्त, देहरादून) शामिल हैं। इसके अलावा परमिंदर कौर को धुमाकोट से हरिद्वार, नेहा को सतपुली से ऊधम सिंह नगर, धनिष्ठा आर्या को हरिद्वार और ज्योति सिंह को हरिद्वार से देहरादून भेजा गया है।
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला लिया है। पर्वतीय और दूरदराज के क्षेत्रों के निवासियों को न्याय पाने के लिए लंबी और कठिन दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए सिविल जजों को नियमित रूप से 'कैंप कोर्ट' आयोजित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के मुताबिक, लेंसडाउन के सिविल जज हर महीने के अंतिम सप्ताह में लगातार दो दिनों के लिए धुमाकोट में कैंप कोर्ट लगाएंगे। इसी तरह, कोटद्वार के सिविल जज सतपुली में दो दिन, चमोली के सिविल जज जोशीमठ में लगातार पांच दिन और टिहरी गढ़वाल के सिविल जज महीने में तीन दिन प्रताप नगर में कैंप कोर्ट का संचालन करेंगे।
न्यायिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए हाई कोर्ट ने उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को कुछ महत्वपूर्ण सिफारिशें भी भेजी हैं। इसके तहत टिहरी गढ़वाल और नैनीताल के जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को उनके संबंधित जिलों में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपने को कहा गया है।
इसके साथ ही, टिहरी गढ़वाल के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद को सप्ताह में दो दिन उसी जिले के परिवार न्यायालय के न्यायाधीश का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की सिफारिश राज्य सरकार को भेजी जा रही है, ताकि पारिवारिक विवादों का निपटारा तेजी से हो सके।
Location : Nainital
Published : 18 June 2026, 10:19 AM IST