हिंदी
राम मंदिर चंदा चोरी मामला (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Ayodhya: श्रीराम मंदिर में दान राशि (चंदे) की हेराफेरी का मामला गहराता जा रहा है। 6 जून को इस पूरे खेल का पर्दाफाश होने के बाद से लगातार सन्नाटा खींचे बैठे ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बीच, अचानक रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के सामने आने से नया मोड़ आ गया है। चंपत राय के करीबी माने जाने वाले टिन्नू की यह खामोशी तोड़ना सामान्य नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसके पीछे किसी 'बड़े खेल' और सोची-समझी रणनीति की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच, विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश में सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ के इनपुट्स और बैंक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पूरे मामले पर जारी घमासान के बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 जून को अयोध्या पहुंच रहे हैं।
गबन का मामला सामने आने के बाद करीब 10 दिनों तक टिन्नू यादव पूरी तरह भूमिगत था। सोमवार को अचानक उसने वीडियो बयान जारी किया और कई मीडिया घरानों को इंटरव्यू दिए। सूत्रों के अनुसार, यह अचानक लिया गया फैसला नहीं है। एक राजनीतिक दल के पदाधिकारियों ने टिन्नू से संपर्क कर उसे चेताया था कि पूरा ठीकरा उस पर फोड़ा जा सकता है।
इसके बाद ट्रस्ट के ही एक करीबी पदाधिकारी की सहमति से टिन्नू को आगे किया गया ताकि कुछ बड़े चेहरों का बचाव किया जा सके। अपने बयानों में टिन्नू ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का खुलकर पक्ष लिया है, जबकि अन्य लोगों को लपेटे में लिया है।
इस पूरे घोटाले में दान राशि के प्रबंधन और व्यवस्था से जुड़े मुख्य रूप से चार लोग जांच और सवालों के घेरे में हैं-
चंपत राय (महासचिव): मामला उजागर होने के बाद से वे कारसेवकपुरम छोड़कर मंदिर परिसर स्थित ट्रस्ट कार्यालय में ही रह रहे हैं। किसी से मुलाकात या मीडिया से बात नहीं की जा रही है।
अनिल मिश्रा (ट्रस्टी): टिन्नू ने सीधे तौर पर अनिल मिश्रा का नाम लेते हुए उनकी जिम्मेदारियों का जिक्र किया है। वर्तमान में अनिल मिश्रा के केरल में होने की चर्चा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। सवाल उठ रहे हैं कि वे इस संकट के समय अयोध्या से बाहर क्यों हैं?
गोपाल राव (मंदिर निर्माण सहायक): निर्माण सहायक होने के बावजूद मंदिर के महत्वपूर्ण कार्यों और दान प्रबंधन में इनका व्यापक हस्तक्षेप माना जाता है, जिससे ये भी सवालों के घेरे में हैं।
अयोध्या में डेरा डाले एसआईटी की जांच बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। टीम ने पहले दिन 7.5 घंटे और दूसरे दिन 11 घंटे की मैराथन जांच की थी। बुधवार सुबह 10 बजे टीम दोबारा मंदिर परिसर पहुंची, जहां चंपत राय, पुजारी और बैंक कर्मियों की मौजूदगी में सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जांच की गई।
बड़ी चूक: जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिससे आशंका है कि रकम पार करने के बाद सुबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इसके अलावा, दान राशि की गिनती में शामिल रहने वाले बैंक कर्मियों की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। पता चला है कि बैंक कर्मी ट्रस्ट के पदाधिकारियों के दबाव में रहते थे, जिसके कारण वे कोई हस्तक्षेप नहीं कर पाते थे।
आखिरकार एसआईटी ने टिन्नू यादव को बिठाकर लंबी पूछताछ की। जब उससे दान राशि की गणना में उसकी भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उसने गबन या चोरी में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। टिन्नू ने दावा किया कि वह सिर्फ अन्य व्यवस्थाएं देखता था। उसने सारा दारोमदार ट्रस्टी अनिल मिश्रा और दान राशि की गिनती करने वाले तीन 'गणना इंचार्जों' पर डाल दिया। एसआईटी आने वाले दिनों में टिन्नू से फिर पूछताछ कर सकती है।
एसआईटी ने इस मामले में पूछताछ के लिए करीब 200 लोगों की लिस्ट बनाई है, जिनमें से 125 से अधिक लोगों से (कुछ से कई-कई बार) पूछताछ हो चुकी है। जांच टीम के सामने चंपत राय और गोपाल राव जैसे जिम्मेदार लोग गोलमोल जवाब दे रहे हैं। एसआईटी ट्रस्ट द्वारा दिए गए रिकॉर्ड्स से भी संतुष्ट नहीं है क्योंकि उसमें कई चीजें अस्पष्ट हैं।
पकड़े गए 5 संदिग्धों के पास से रकम बरामद हुई है और उन्होंने इस खेल में शामिल कई अन्य बड़े नामों का खुलासा किया है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही बना हुआ है कि इस मामले में एफआईआर कब दर्ज होगी, या जांच पूरी होने का इंतजार किया जाएगा।
इस पूरे विवाद और एसआईटी की ताबड़तोड़ तफ्तीश के बीच, 19 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के दौरे पर आ रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे रुदौली के कार्यक्रम के बाद सीधे अयोध्या पहुंचेंगे। यहाँ वे मणिराम दास छावनी में आयोजित महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि उनके इस दौरे के दौरान मंदिर के घटनाक्रमों पर भी पैनी नजर रहेगी।
Location : Ayodhya
Published : 18 June 2026, 9:58 AM IST
Topics : Ayodhya Ram Mandir SIT Champat Rai Under Scanner Ram Mandir Chanda Chori Ram Mandir Donation Scam Tinnu Yadav Statement
No related posts found.