उत्तराखंड की ‘लेडी सिंघम’: पिता थे डीजीपी, पति भी हैं IPS; जानें कौन हैं फर्जी शिक्षकों का काल बनीं श्वेता चौबे

उत्तराखंड की जांबाज आईपीएस श्वेता चौबे की कहानी प्रेरणा से भरी है। फर्जी शिक्षक घोटाले का पर्दाफाश करने से लेकर 'ऑपरेशन पिंक' तक, अपनी वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित श्वेता चौबे को 'लेडी सिंघम' कहा जाता है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 12 June 2026, 9:32 AM IST
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Dehradun: श्वेता चौबे का नाता एक ऐसे परिवार से है जहां रगों में देशसेवा और खाकी दौड़ती है। वह अपने परिवार में तीसरी जनरेशन की पुलिस अफसर हैं। श्वेता मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ की निवासी हैं और उनके पिता दिवंगत विजय शंकर चौबे छत्तीसगढ़ के डीजीपी रह चुके थे।

उनके पिता को भी उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा गया था। पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए श्वेता ने बचपन से ही खाकी की आन-बान और शान को करीब से देखा, जिसने उन्हें आगे चलकर एक निडर पुलिस अधिकारी बनने के लिए प्रेरित किया।

यूकेपीएससी से आईपीएस बनने का सफर और विवाह

उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आने के बाद श्वेता ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की परीक्षा पास की और बतौर डीएसपी पुलिस महकमे में कदम रखा। उनकी कार्यशैली से वरिष्ठ अधिकारी हमेशा प्रभावित रहे और शानदार काम के दम पर उन्हें विभागीय पदोन्नति के बाद आईपीएस कैडर अवार्ड हुआ।

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साल 2005 में नैनीताल में ट्रेनिंग के दौरान उनकी मुलाकात मणिकांत मिश्रा से हुई। बाद में दोनों परिवारों की सहमति से दिसंबर 2006 में दोनों का विवाह हो गया। मणिकांत मिश्रा भी उत्तराखंड पुलिस में एक तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी हैं।

फर्जी शिक्षक घोटाले का पर्दाफाश और केदारनाथ आपदा में सेवा

श्वेता चौबे की सबसे बड़ी उपलब्धियों में उत्तराखंड का चर्चित फर्जी शिक्षक घोटाला शामिल है। उन्होंने महज 8 महीने के भीतर 65 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया।

इसके अलावा, साल 2013 की भीषण केदारनाथ आपदा के समय उन्होंने कंट्रोल रूम की कमान संभाली और डेढ़ महीने तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाई। इस बेहतरीन समन्वय के लिए उन्हें 'मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक' से सम्मानित किया गया। कोविड काल में भी उन्होंने अपने बच्चों से दूर रहकर घर-घर राशन पहुंचाया था।

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ऑपरेशन पिंक और सम्मानों की लंबी फेहरिस्त

देहरादून में एसपी सिटी रहने के दौरान श्वेता चौबे ने महिला सुरक्षा के लिए 'ऑपरेशन पिंक' की शुरुआत की थी, जिसे पूरे राज्य में लागू किया गया और इसके लिए उन्हें प्रतिष्ठित 'स्कोच अवॉर्ड' से नवाजा गया।

इसके साथ ही उन्हें 79वें स्वतंत्रता दिवस पर विशिष्ट सेवा पदक, मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक और राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। चमोली और पौड़ी जैसे संवेदनशील जिलों की कमान संभालने के बाद वर्तमान में वे टिहरी जिले की सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मुस्तैदी से संभाल रही हैं।

Location :  Dehradun

Published :  12 June 2026, 9:32 AM IST

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