हिंदी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में इंट्री तय मानी जा रही है। बताया जाता है कि उनकी राजनीतिक शुरुआत बड़ी शानदार होने जा रही है। एनजीए गठबंधन की ओर से उन्हें सीधे राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी है।
राजनीति में कदम रखेंगे निशांत कुमार (Img- Internet)
Patna: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में इंट्री की खबरें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि उनकी राजनीतिक शुरुआत ही बड़ी शानदार होने जा रही है। उन्हें सीधे राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी चल रही है। जेडीयू कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर बहुत उत्साह है।
बताया जाता है कि NDA गठबंधन ने बिहार से राज्यसभा भेजे जाने के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है। इस सूची में निशांत का नाम भी शामिल है। भाजपा, जदयू और सहयोगी दलों को मिलाकर एनडीए के पास 200 से ज्यादा विधायक हैं। इस हिसाब से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। ऐसे में एनडीए चार सीटें जीत सकता है।
बिहार की सियासत में भूचाल, पटना हाईकोर्ट ने 42 विधायकों को भेजा नोटिस; जानिये क्या है मामला
निशांत कुमार के राजनीति में आने की बात पर जेडीयू के नेताओं में उत्साह है। पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि निशांत राजनीति में आएं। जिस दिन भी वे राजनीति में आएंगे, पूरी पार्टी उनका स्वागत करेगी। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि निशांत राज्यसभा जाएंगे। पार्टी कार्यकर्ता यह मानकर चल रहे हैं कि राज्यसभा की पांच सीटों पर होने जा रहे चुनाव में सभी सीटें एनडीए जीतेगा। इनमें से कम से कम दो सीटें जेडीयू के खाते में आएंगी। इन दो सीटों में से एक पर निशांत राज्यसभा जा सकते हैं।
जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार से जब संवाददाताओं ने जानना चाहा कि क्या निशांत राज्यसभा जाएंगे, तो इसके जवाब में उन्होंने जो कहा, वह काफी दिलचस्प है। उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार जी के सुपुत्र सादगी, संस्कारी और सार्वजनिक जीवन के लिए फिट हैं। ऐसे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। यह पार्टी के कार्यकर्ताओं की अपेक्षा है।
Bihar Politics News: सांसद पप्पू यादव ने गिरफ्तारी को लेकर बिहार सरकार पर लगाये ये गंभीर आरोप
नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने बेटे को संस्कार दिये हैं। ये तो पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा कि कौन राज्यसभा जाएगा, लेकिन कोई निशांत कुमार पर सवाल खड़ा कर सकता है क्या? कोई मुकदमा है? कोई आर्थिक भ्रष्टाचार का आरोप है? कहीं मुख्यमंत्री के बेटे होने का अहंकार है? ऐसे लोगों को तो आना ही चाहिए।