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बिहार की राजनीति में गुरुवार को हलचल तेज हो गई है। पटना हाई कोर्ट के एक आदेश के बाद सता के गलियारों में हड़कंप मच गया। न्यायालय का यह नोटिस सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक के लिए है।
बिहार की सियासत में हड़कंप
Patna: बिहार की राजनीति में गुरुवार को नया बवाल शुरु हो गया। दरअसल पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को बिहार विधानसभा के 42 विधायकों को नोटिस भेजा है। इनमें पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक शामिल हैं। इस खबर से बिहार की राजनीति में हड़कंप मचा हुआ है।
आरोप है कि इन लोगों ने नामांकन के दौरान जो शपथ पत्र भरे थे, उनमें कई तथ्य छिपाए। इतना ही नहीं कुछ विधायकों पर वोटिंग प्रक्रिया में अनियमितता का भी आरोप लगाया गया है।
मामला बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामों से जुड़ा है। संबंधित विधायकों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन सभी 42 विधायकों ने चुनावी हलफनामे में अपने नॉमिनेशन के दौरान तथ्यों को छिपाया। वहीं कुछ मामलों में वोटिंग प्रोसेस में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया ।
इस पर गुरुवार को कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई। इसके बाद कोर्ट ने इन 42 विधायकों से लिखित जवाब देने को कहा है।
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पटना हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के अलावा कुल 41 विधायकों को नोटिस जारी कर दिया है। पटना उच्च न्यायालय के इस नोटिस को पाने वाले सत्ताधारी और विपक्ष दोनों ही दलों के कुल 42 विधायक शामिल हैं।
जिन विधायकों को नोटिस मिला है उनमें ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव, पूर्व मंत्री और जाले से बीजेपी के विधायक जीवेश मिश्रा, नबीनगर से जदयू विधायक चेतन आनंद, गोह से राजद विधायक अमरेंद्र कुमार का नाम भी शामिल है। सबसे बड़ी बात ये है कि नोटिस पानेवालों में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार का नाम भी शामिल है। हाईकोर्ट के नोटिस के बाद इन सभी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कोर्ट की ओर से कहा गया है कि नामांकन के दौरान दाखिल किया गया शपथपत्र लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। वोटर्स को प्रत्याशियों की पृष्ठभूमि, संपत्ति और अन्य विवरणों की सही जानकारी मिलनी चाहिए। अगर यह जानकारी गलत दी गई तो यह गंभीर बात है। सभी विधायक तय समय के अंदर अपना जवाब दें।
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इस नोटिस के बाद बिहार के सियासी गलियारे में खलबली मच गई है। अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो कई विधायकों की सदस्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है।