हिंदी
गंडक के उफान से बगहा में बिगड़े हालात (Img: Dynamite News)
Bagaha: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल में लगातार बारिश और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से रविवार को करीब 4.49 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में लगी फसलें भी प्रभावित हुई हैं।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी और राहत व्यवस्था तेज कर दी है। रविवार को जिला पंचायती राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) सौरभ आलोक के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने कई गांवों और बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक टीम ने चखनी रजवटिया पंचायत के वार्ड संख्या 8, 9, 10, 11, 12, 13 और 14 का निरीक्षण किया। इन इलाकों में कई घरों के आसपास और अंदर पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा टीम सिंघाड़ी पिपरिया पंचायत के खैराटवा, चखनी-रजवटिया और चंद्रपुर-रतवल समेत अन्य प्रभावित इलाकों में भी पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ से हुई परेशानी और उनकी तत्काल जरूरतों की जानकारी ली।
ये भी पढ़ें- रातभर चीखती रही मां! फर्रुखाबाद में नाले के तेज बहाव में बहा 7 साल का मासूम सूर्यांश
टीम ने घरों में घुसे पानी के साथ-साथ खेतों और फसलों की स्थिति का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बगहा बीडीओ प्रदीप कुमार, सीओ रविभूषण कुमार गौरव, बीपीआरओ अविनाश कुमार समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर चखनी पंचायत के मुखिया रविरंजन यादव और पिपरिया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दीपक पाण्डेय भी टीम के साथ रहे।
नगर क्षेत्र के मोहल्लों में भी पहुंचा पानी
बाढ़ की स्थिति सिर्फ ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है। प्रशासनिक टीम ने बगहा नगर परिषद क्षेत्र के कैलाशनगर, रत्नमाला और दीनदयाल नगर समेत अन्य प्रभावित मोहल्लों का भी निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने यहां जलस्तर की स्थिति और प्रभावित परिवारों की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। डीपीआरओ ने संबंधित अधिकारियों को जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री जल्द पहुंचाने और आवश्यकता के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों की जरूरतों का आकलन भी किया जा रहा है, ताकि राहत व्यवस्था को उसी के अनुसार आगे बढ़ाया जा सके।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से कम्युनिटी किचेन की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जरूरतमंद लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण भी किया जा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को बगहा एसडीएम चांदनी कुमार और एडीएम राजीव कुमार सिन्हा ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। वहीं वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद ने प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री का वितरण किया।
बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। सिंघाड़ी पिपरिया पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि लाल बाबू यादव के मुताबिक, प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचेन की व्यवस्था की गई है, लेकिन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने वाले परिवारों के सामने रहने की समस्या बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए पन्नी उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बारिश और बाढ़ के बीच लोग अस्थायी रूप से अपना ठिकाना बना सकें। उनके मुताबिक, अंचलाधिकारी की ओर से आवश्यक व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया गया है।
ये भी पढ़ें- बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें तो खुद मैदान में उतरे अमेठी के डीएम, बिजली से जलभराव तक की जमीनी हकीकत परखी
चखनी रजवटिया पंचायत के मुखिया रविरंजन यादव ने बताया कि पंचायत के कई वार्डों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर गया है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। उनके मुताबिक, डीपीआरओ के नेतृत्व में पहुंची टीम ने प्रभावित वार्डों का निरीक्षण किया और लोगों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने अंचलाधिकारी को जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों को मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
लगातार बारिश और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बगहा के निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था के साथ जलस्तर की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
Location : Bagaha
Published : 27 September 2026, 4:39 PM IST