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डाइनमाइट न्यूज़ के पॉडकास्ट The Candid Talk में Teertham App की सीईओ एवं फाउंडर शुभांगी गुप्ता ने एडिटर-इन-चीफ मनोज टिबड़ेवाल आकाश के साथ खास बातचीत में बताया कि किस तरीके से धर्म और टेक्नोलॉजी को एक-साथ लेकर चल सकते हैं। आने वाले समय में क्या AI पंडित जी पूजा को विधि-विधान से करवा सकते हैं? चर्चित पॉडकास्ट The Candid Talk में सभी सवालों के जवाब जानिए…
New Delhi: भक्ति और टेक्नोलॉजी को एक साथ जोड़ने का सपना लेकर उत्तर प्रदेश में स्थित जौनपुर की रहने वाली शुभांगी गुप्ता ने Teertham App की शुरुआत की, जो आज तेजी से लोगों के बीच अपनी पहचान बना रहा है। कभी HDFC बैंक में नौकरी करने वाली शुभांगी ने करीब 10 साल मार्केटिंग सेक्टर में काम किया, लोगों की जरूरतों को समझा और फिर महसूस किया कि पूजा-पाठ जैसी बुनियादी आस्था से जुड़ी सेवाएं अब भी बिखरी हुई हैं। इसी सोच ने उन्हें एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ाया, जो घर बैठे विधि-विधान से पूजा कराने की सुविधा देता है।
नौकरी से स्टार्टअप तक का सफर
दिल्ली से मार्केटिंग में MBA करने के बाद शुभांगी ने कॉर्पोरेट सेक्टर में लंबा अनुभव हासिल किया। लेकिन उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट तब आया, जब घर पर आयोजित एक पूजा में समय पर पंडित न पहुंचने और अधूरी सामग्री जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। वहीं से उन्हें एहसास हुआ कि महानगरों में रहने वाले लाखों लोग इसी परेशानी से गुजरते होंगे। इसी समस्या का समाधान ढूंढते-ढूंढते Teertham App का आइडिया सामने आया।
क्या है Teertham App की खासियत
एडिटर-इन-चीफ मनोज टिबड़ेवाल आकाश के साथ खास बातचीत में शुभांगी बताती हैं कि यह सिर्फ पंडित बुकिंग प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक पूरी धार्मिक सर्विस इकोसिस्टम है। ऐप के जरिए लोग अपनी कुंडली की जानकारी ले सकते हैं, रोजाना धार्मिक अलर्ट पा सकते हैं और जरूरत के अनुसार पूजा बुक कर सकते हैं। पंडित घर पर पूरी सामग्री के साथ पहुंचकर विधि-विधान से पूजा संपन्न कराते हैं। सबसे खास बात यह है कि प्लेटफॉर्म व्यक्ति की समस्या को समझकर उसी के अनुसार समाधान देने की कोशिश करता है।
टेक्नोलॉजी, AI और भक्ति का संगम
शुभांगी मानती हैं कि जब फूड, ट्रैवल और एजुकेशन डिजिटल हो सकते हैं, तो भक्ति क्यों नहीं। Teertham App में AI आधारित सुझाव भी जुड़े हैं, जो यूजर को बताते हैं कि उसे किस प्रकार की पूजा करवानी चाहिए। उनका मानना है कि सही दिशा में जानकारी दी जाए तो भविष्य में AI पंडित जैसी अवधारणा भी संभव हो सकती है।
तेजी से बढ़ता विस्तार और युवाओं की आस्था
फिलहाल यह सेवा दिल्ली-NCR, मुंबई और पुणे में उपलब्ध है, जबकि जल्द ही बेंगलुरु और हैदराबाद में विस्तार की तैयारी है। शुभांगी कहती हैं कि आज की Gen-Z पीढ़ी भी भक्ति से जुड़ना चाहती है, बस उसे आसान और भरोसेमंद माध्यम चाहिए। यही वजह है कि लोग इस प्लेटफॉर्म पर तेजी से विश्वास जता रहे हैं।
युवाओं के लिए संदेश
स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे युवाओं को शुभांगी की सलाह साफ है- सबसे पहले यह समझिए कि समाज को किस चीज की जरूरत है। जब आप लोगों की असली समस्या पहचान लेते हैं, तभी उसका सही समाधान और सफल बिजनेस मॉडल तैयार होता है।