हिंदी
लखनऊ में OTT वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडित’ पर साधु-संतों की तीखी प्रतिक्रिया के बाद हजरतगंज कोतवाली में FIR दर्ज। सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी, जबकि राजनीतिक बयान भी विवाद में उभर रहे हैं।
'घूसखोर पंडित' विवाद पर मध्य प्रदेश सपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान
Lucknow: लखनऊ में OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई वेब सीरीज 'घूसखोर पंडित' ने समाज में विवाद खड़ा कर दिया है। सीरीज के विरोध में साधु-संतों और सामाजिक संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया के बाद हजरतगंज कोतवाली में फिल्म डायरेक्टर और टीम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने बताया कि FIR में आरोप लगाया गया है कि इस वेब सीरीज ने धार्मिक और जातिगत भावनाओं को आहत किया है। इस प्रकार की सामग्री समाज में सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर सकती है। सोशल और धार्मिक संगठनों ने फिल्म के शीर्षक और कंटेंट पर गंभीर आपत्ति जताई है और प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि यह कदम समाज में शांति बनाए रखने और संवेदनशील धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने से रोकने के लिए उठाया गया है।
वहीं इस विवाद के बीच मध्य प्रदेश के सपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में केवल एक विशेष जाति का भला हो रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी सभी जातियों- ब्राह्मण, पिछड़ा और दलित- के साथ खड़ी है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि यह सरकार बेरोजगारी और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने के प्रयास में लगी हुई है।
साधु-संतों और सामाजिक संगठनों ने कहा कि OTT प्लेटफॉर्म पर ऐसे विषयों की अनुमति देना सामाजिक सौहार्द और धार्मिक समरसता के लिए खतरा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक प्रदर्शन किए जा सकते हैं।
फिल्म 'घूसखोर पंडित' वेब सीरीज के रूप में OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज की गई थी। डायरेक्टर और टीम का कहना है कि यह मनोरंजन और व्यंग्य पर आधारित सामग्री है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद टीम ने किसी भी प्रकार की अशांति न फैलाने के लिए बयान जारी किया है।
पुलिस ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद आगे की जांच जारी है। इस दौरान OTT प्लेटफॉर्म के माध्यम से कंटेंट की निगरानी और नियामक प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी सामाजिक या धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।
OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई वेब सीरीज 'घूसखोर पंडित’' ने समाज में नया विवाद खड़ा कर दिया है। साधु-संतों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया, FIR दर्ज होना और सपा नेताओं का बयान इस घटना को और तूल दे रहा है।