BLO विवाद से गरमा उठा अमेठी का सियासी माहौल, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने, सपा भी बनी हमलावर

अमेठी में एसआईआर को लेकर विवाद तेज, बीजेपी ने कांग्रेस पर बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान का आरोप लगाया। सपा भी हमलावर, प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग। राजनीतिक माहौल गर्म होता दिख रहा है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 6 February 2026, 2:39 PM IST
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Amethi: अमेठी में हाल ही में महिला बीएलओ और बीजेपी पदाधिकारियों के बीच कथित विवाद ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर यह मामला अब बड़े सियासी विवाद का रूप ले चुका है। इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) भी लगातार हमलावर बनी हुई है।

बीजेपी का आरोप

बीजेपी अमेठी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। ज्ञापन में दावा किया गया कि अमेठी लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस हमेशा बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान के जरिए लोकतंत्र को प्रभावित करती रही है। 2014 के लोकसभा चुनाव में जगदीशपुर और गौरीगंज विधानसभा के कई गांवों में जबरन फर्जी मतदान करवाया गया था, जिससे चुनाव परिणामों को प्रभावित किया गया।

फर्जी मतदाता सूची का आरोप

बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में भी धांधली की कोशिश की जा रही है। दलित, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के लोगों के नाम मतदाता सूची से काटने और फर्जी नाम जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह कुत्सित मानसिकता केवल चुनावी लाभ के लिए अपनाई जा रही है।

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ठेंगहा गांव का विवाद

ज्ञापन के अनुसार, चार फरवरी को ठेंगहा गांव के बूथ संख्या 207 और 208 में बीजेपी जिलाध्यक्ष ने विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत नाम बढ़ाने को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक के बाद, कांग्रेस जिला सचिव राकेश कुमार मौर्य और उनकी पत्नी, जो किसी अन्य बूथ की बीएलओ थीं, वहां पहुंची। आरोप है कि उन्होंने स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं पर चिल्लाया और फार्म भरने से मना किया। जब कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया तो ये दोनों वहां से चले गए।

SIR Controversy

मतदाता सूची विवाद

विवाद पर कांग्रेस का बयान

बीजेपी का कहना है कि राकेश कुमार मौर्य और उनकी पत्नी से कोई शारीरिक झगड़ा या मारपीट नहीं हुई। इसके बावजूद, राकेश कुमार ने जिलाध्यक्ष को बदनाम करने के लिए उप जिलाधिकारी को झूठा प्रार्थना पत्र सौंपा। बीजेपी का दावा है कि यह सब बड़े कांग्रेस नेताओं के इशारे पर किया गया।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मामले की उच्च स्तरीय जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष जांच करनी चाहिए ताकि राजनीतिक हेरफेर और फर्जी आरोपों को रोका जा सके।

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सियासी रंग

इस विवाद ने अमेठी में राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। कांग्रेस, बीजेपी और सपा तीनों पार्टियां इस मामले को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर आमने-सामने हैं। सपा ने भी बीजेपी और कांग्रेस पर हमलावर रुख अपनाया है और दोनों पक्षों को निशाना बनाया है।

Location : 
  • Amethi

Published : 
  • 6 February 2026, 2:39 PM IST

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