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अंडर-19 वनडे विश्व कप फाइनल में भारत के 14 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐतिहासिक पारी खेलते हुए क्रिकेट जगत को चौंका दिया। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वैभव ने महज 55 गेंदों में शतक जड़ते हुए सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 175 रनों की विस्फोटक पारी के दौरान उन्होंने कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त किए और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी (Image Source: Google)
New Delhi: हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे अंडर-19 विश्व कप फाइनल में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। चौथे ओवर में एरॉन जॉर्ज के रूप में पहला विकेट गिरने के बाद भारत पर दबाव बनता दिखा, लेकिन इसके बाद मैदान पर वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने इंग्लिश गेंदबाजों पर कहर बरपा दिया। दोनों बल्लेबाजों ने बेखौफ अंदाज में चौके-छक्कों की बरसात कर दी। दूसरे विकेट के लिए दोनों के बीच 90 गेंदों में 142 रनों की साझेदारी हुई। आयुष म्हात्रे ने 51 गेंदों में सात चौके और दो छक्कों की मदद से 53 रन बनाए, जबकि वैभव का आक्रमण लगातार जारी रहा।
14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने महज 55 गेंदो में अपना शतक पूरा किया और अंडर-19 विश्व कप में दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। वैभव ऑस्ट्रेलिया के विल मलाजचुक के 51 गेंदों के रिकॉर्ड से सिर्फ चार गेंद पीछे रह गए। स्पिनर फरहान अहमद के खिलाफ वैभव अच्छे- खासे आक्रामक नजर आए। 15वें ओवर में उन्होंने फरहान की पहली दो गेंदों पर लगातार दो छक्के लगाए और टूर्नामेंट में अपने 20 छक्के पूरे किए। इसके साथ ही उन्होंने 2022 विश्व कप में डेवाल्ड ब्रेविस के 18 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके बाद 17वें ओवर में फरहान की चार गेंदों पर तीन छक्के और एक चौका लगाकर उन्होंने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
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वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। यह अंडर-19 विश्व कप फाइनल में अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। वह भारत की ओर से फाइनल में शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बने, इससे पहले यह कारनामा उन्मुक्त चंद (2012) और मंजोत कालरा (2018) ने किया था।
इतना ही नहीं, वैभव इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने अफगानिस्तान के शिनोजादा (436 रन) का रिकॉर्ड तोड़ा। वह अंडर-19 विश्व कप इतिहास के पहले बल्लेबाज भी बने, जिन्होंने चार बार 50+ स्कोर 100 से अधिक स्ट्राइक रेट से बनाए।
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इसके साथ ही वैभव ने अंडर-19 विश्व कप की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का 18 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। वैभव सूर्यवंशी की यह पारी न सिर्फ भारतीय क्रिकेट के भविष्य की झलक है, बल्कि अंडर-19 क्रिकेट के इतिहास में भी स्वर्णिम अध्याय बन चुकी है।