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आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के प्रसाद Tirupati Laddu को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह मामला तब शुरू हुआ जब आरोप लगा कि मंदिर के प्रसाद में मिलावट की गई है और उसमें जानवरों की चर्बी/अन्य अवैध सामग्री मिलाई गई थी।
TTD से अयोध्या भेजे गये 1 लाख मिलावटी लड्डू
New Delhi: आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के प्रसाद Tirupati Laddu को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह मामला तब शुरू हुआ जब आरोप लगा कि मंदिर के प्रसाद में मिलावट की गई है और उसमें जानवरों की चर्बी/अन्य अवैध सामग्री मिलाई गई थी। अब इस विवाद में एक नया दावा भी सामने आया है कि तिरुपति तिरुमाला मंदिर से लगभग 1 लाख लड्डू राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन अयोध्या भेजे गए थे और वहां भक्तों के बीच वितरित किए गए थे। यह दावा RSS के मुखपत्र पांचजन्य में प्रकाशित एक रिपोर्ट में किया गया था।
रिपोर्ट में कहा गया कि अयोध्या में राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान तिरुपति मंदिर से भेजे गये लड्डुओं में कथित तौर पर मिलावटी सामग्री भी थी, जो धार्मिक मान्यताओं और भक्तों की भावनाओं को चोट पहुंचा सकती है। इस दावे ने विवाद की सीमा और बढ़ा दी है, क्योंकि यह सीधे धार्मिक और देशव्यापी सम्मान से जुड़ा मामला है।
हाल के वर्षों में आरोप लगे कि TTD (Tirumala Tirupati Devasthanams) द्वारा प्रसाद बनाने में खरीदा गया घी/लड्डू सामग्री शुद्ध नहीं थी और उसमें मिक्सचर/अवैध सामग्री होने के संकेत मिले। पिछले विवादों में दावा हुआ कि घी के नमूनों में पशु-चर्बी, सूअर की चर्बी (लार्ड) और मछली के तेल जैसे अवांछित तत्व पाए गए थे, जो भक्तों की आस्था को ठेस पहुँचाते हैं।
अधिकारियों द्वारा लिए गए नमूनों की जांच में यह भी सामने आया कि यह मिलावट आंध्र प्रदेश की तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में हुई थी, जिसे बाद में लेकर राजनीति और जांच का तीव्र विवाद शुरू हुआ।
अब तक जांच में कई बिंदु सामने आए हैं । CBI/SIT जांच में मिली-जली सामग्री के मुद्दे और गहन जांचे हुए आपूर्ति नेटवर्क की ओर इशारा हुआ है। सीबीआई-SIT ने कई आरोपियों के खिलाफ आखिरी चार्जशीट दायर की है। हालांकि ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि वास्तव में किसी स्पष्ट “जानवर की चर्बी” का पता नहीं चला, कुछ जांच ने यह दिखाया कि घी में शुद्धता के मानकों में गड़बड़ी थी, और राजनीतिक बयानवाज़ी इसे और तेज कर रही है।
राजनीतिक स्तर पर विपक्ष और सत्ता पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं कि किस पार्टी ने मामले को छुपाया/उभारा, जिससे धार्मिक भावनाएं भड़क गईं।
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यह विवाद सिर्फ मंदिर प्रसाद में मिलावट का मामला नहीं रहा -बल्कि धार्मिक भावनाओं, राजनीति, जांच एजेंसियों, और मीडिया की रिपोर्टिंग का केंद्र बन गया है। पांचजन्य द्वारा आए दावे के अनुसार राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में भेजे गए लड्डुओं का मुद्दा और भी संवेदनशील हो गया है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक प्वाइंट-बाय-प्वाइंट पुष्टि अभी तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है।